
माैनी अमावस्या
जयपुर. तीर्थस्नान, पितरों के पूजन, श्राद्ध तर्पण के लिए खास मानी जाने वाली माघ मौनी अमावस्या विभिन्न योग संयोगों में मनाई जा रही है।
ज्योतिषविदों के मुताबिक इस बीच महोदय योग बनने से स्नान, दान और व्रत रखकर पूजा अर्चना करने का चार गुना फल सभी राशि के जातकों को मिलेगा। प्रयागराज स्नान के लिए यह दिन खास है।कोरोना के चलते भक्त इस बार तीर्थ स्थलों पर आस्था की डुबकी नहीं लगा सके। घरों से ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान किया।
असहाय तबके की मदद, सामथ्र्य के अनुसार जरूरतमंदों एवं ब्राह्मणों को तिल, गाय, छाता, तेल, वस्त्र, बिस्तर एवं उपयोगी वस्तुओं का दान कर पुण्य का अर्जन किया जा रहा है। शहर आराध्य गोविंद देव जी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दर्शनों के लिए भीड़ उमडी। वहीं गलता तीर्थ में भक्त आस्था की डुबकी नहीं लगा सकें। हालांकि यहां से जल आदि ले जाने की सुविधा की गई है। अमावस्या आज सुबह 11.16 बजे तक रहेगी।
संतों ने लगाई डुबकी
मौनी अमावस्या के मौके पर मंगलवार को शाही स्नान के लिए राजधानी के संत महंतों का दल प्रयागराज पहुंचा। मानसरावेर न्यू सांगानेर रोड स्थित प्रजापति विहार कॉलोनी के चिंताहरण काले हनुमानजी मंदिर, गुरुकुल वेदाश्रम से महंत मनोहरदास के सान्निध्य में संतों के दल ने डुबकी लगाकर कोरोना से मुक्ति और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। महंत ने बताया कि हवन, दान और स्नान किया गया। ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि पूजा-पाठ करके साधु-संतों और जरूरमंतों को दान करें। मौनी अमावस्या आज दिनभर दान पुण्य और पूजा अर्चना का दौर जारी रहेगा।
Published on:
01 Feb 2022 10:21 am
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