
छापरवाड़ा बांध, दूदू
कम बारिश और भूजल दोहन की दर दोगुनी होने से जयपुर जिला डार्क जोन की श्रेणी में आता है। इस बार जयपुर जिले में मानसून खुशियों की सौगात लाया है। 15 साल बाद इस बार मानसून सीजन में एक साथ जिले के 14 बांध लबालब हो गए। इनमें से 10 बांधों पर चादर चल रही है। माना जा रहा है कि जयपुर जिले के बांधों में इस बार अच्छी आवक से जिले के डार्क जोन श्रेणी की तस्वीर बदल सकती है।
सुधरेगा भूजल स्तर
जिले के गोविंदगढ़, शाहपुरा, कोटपूतली, झोटवाड़ा, बस्सी, फागी, दूदू, जमवारागढ़, विराटनगर और सांभर क्षेत्र भूजल की अति दोहित श्रेणी में शामिल हैं। इन सभी ब्लॉक में कोई न कोई बांध लबालब हो रहा है या ओवर फ्लो हो रहा है। अभी बारिश का दौर और चलने की संभावना है। ऐसे में बांधों के भरने के बाद इन ब्लॉक्स में भूजल स्तर में सुधार आएगा।
पानी बह गया नालियों में
भूजल असेसमेंट रिपोर्ट-2023 में जयपुर शहर में भूजल के दोहन की दर 341 प्रतिशत बताई है। शहर में बीते एक महीने से बारिश का दौर जारी है। लेकिन सैकड़ों गैलन बारिश का पानी नालियों में बह गया। जेडीए, नगर निगम, जलदाय विभाग व अन्य जिम्मेदार विभागों ने इसे सहेजने के प्रयास नहीं किए।
जिले के ये 14 बांध लबालब
कानोता, खेजड़ी, शील की डूंगरी, शिव की डूंगरी, नेवटा, रायवाला, खरड़, मानसागर, गूलर, रामचंद्रपुरा, बुचारा, बनेड़ी, छापरवाड़ा, हनुमान सागर, बांडोलाव, नया सागर, कालख, हिंगोनिया, पिपला और धोबोलाव
जयपुर जिले में जिस तरह से बारिश हो रही है और बांध भर रहे हैं इससे निश्चित रूप से भूजल स्तर में सुधार आएगा। आगामी एक-दो साल भी यही स्थिति रहे तो जयपुर जिला डार्क जोन से बाहर आ सकता है। हमें भूजल दोहन को लेकर सचेत रहना होगा और वर्षा जल का ज्यादा से ज्यादा संचय करना होगा।
एमके पंडित, भू विज्ञान एवं भूजल विशेषज्ञ
Published on:
29 Aug 2024 12:53 am
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