
Mriganayani Exhibition At JKK Jaipur : Chanderi Sarees Prise
जयपुर।
जवाहर कला केंद्र ( JKK Jaipur ) के शिल्प ग्राम में 'मध्यप्रदेश मृगनयनी उत्सव' के अंतर्गत चल रही 'मृगनयनी' प्रदर्शनी अब 17 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान 12 को लोकनृत्यों का कार्यक्रम आयोजित होगा। प्रदर्शनी प्रभारी रीजनल मैनेजर एम.एल. शर्मा ने बताया कि जयपुर राइट्स, खासकर महिलाओं की प्रदर्शनी में बढ़ती रुचि के मद्देनजर तिथि 11 से बढ़ाकर 17 फरवरी की गई है। प्रदर्शनी में कई नई डिजाइन की साड़ियां और अन्य आइटम शामिल किए गए हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा आयोजित
शर्मा ने बताया कि 12 फरवरी, बुधवार को शाम 5 बजे प्रदर्शनी प्रांगण में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें लोक कलाकार राजस्थान के साथ ही मध्यप्रदेश के उज्जैन-मालवा की लोक संस्कृति को लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां देकर साकार करेंगे।
चंदेरी साड़ी का इतिहास काफी पुराना है... ( Chanderi Sari )
शर्मा ने बताया कि चंदेरी साड़ी का इतिहास ( History Of Chanderi Sarees ) लगभग 600 वर्ष पुराना है। इनका उपयोग पहले केवल राजघरानों और आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों में होता था। बाद में मध्य प्रदेश सरकार ने चन्देरी साड़ियों को आमजन तक पहुंचाने की योजना बनाई। तब चन्देरी उत्पादों को सरकारी प्रोत्साहन मिला और इस साड़ी की कुछ डिजाइन आमजन तक पहुंच वाली बनने लगी।
माहेश्वरी और मलबरी साड़ियां भी उपलब्ध
प्रदर्शनी में चन्देरी के साथ ही माहेश्वरी और मलबरी सिल्क की साड़ियां तथा अन्य उत्पाद भी मिल रहे हैं। चंदेरी में 35 सौ रुपए की साड़ी भी उपलब्ध है। साथ ही, 2 लाख 86 हजार तक की साड़ी चंदेरी में बनती है।
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Published on:
11 Feb 2020 08:32 pm
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