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NARI रिपोर्ट 2025: जयपुर में अनसेफ हैं महिलाएं, पॉक्सो केस 69% बढ़े, महिलाओं पर अत्याचार के 2110 मामले दर्ज

NARI Report 2025: एनएआरआई-2025 रिपोर्ट में कोहिमा और मुंबई देश के सबसे सुरक्षित शहरों में शामिल हैं। जबकि जयपुर, दिल्ली और पटना को असुरक्षित शहरों में जगह मिली है। जयपुर में पॉक्सो केस 69% बढ़े और महिलाओं पर अत्याचार के 2110 केस दर्ज हुए हैं।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 29 Aug 2025, 7:31 AM IST

NARI Report 2025

NARI Report 2025 (Photo-AI)

NARI Report 2025: जयपुर: देश में सबसे सुरक्षित शहरों में दिल्ली या जयपुर नहीं, बल्कि कोहिमा और मुंबई जैसे शहर हैं। नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडे€स ऑन वुमंस सेफ्टी (एनएआरआई)-2025 की गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।


बता दें कि 31 शहरों में 12,770 महिलाओं पर किए गए सर्वे पर आधारित रिपोर्ट में 40 प्रतिशत महिलाओं ने खुद को असुरक्षित बताया। उत्पीड़न में घूरना, छेड़खानी, अश्लील टिप्पणी और सड़कों पर छूना शामिल था। मजबूत जेंडर इक्विटी, पुलिसिंग, महिलाओं के अनुकूल इंफ्रास्ट्र€चर और नागरिक भागीदारी वाले शहर सुरक्षित माने गए।


पॉक्सो के मामले 69.28 फीसदी बढ़े


जयपुर में छोटी बच्चियों से बलात्कार और छेड़छाड़ के कुल पॉ€क्सो एक्ट के मामलों में तो गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 69.28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। शहर की सबसे खौफनाक तस्वीर महिलाओं के गले से चेन तोड़ने की है। वर्ष 2024 से अब तक डेढ़ वर्ष में करीब 150 मामले सामने आ चुके हैं।


पूर्वोत्तर में ज्यादा ‘सेफ सिटी’


सबसे सुरक्षित : कोहिमा, विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर, आइजोल, गंगटोक, ईटानगर, मुंबई
सबसे असुरक्षित : पटना, जयपुर, फरीदाबाद, दिल्ली, कोलकाता, श्रीनगर, रांची


आंकड़ों में असुरक्षा


-सात प्रतिशत महिलाएं 2024 में सार्वजनिक जगहों पर ’उत्पीडऩ’ का शिकार हुईं।
-14 प्रतिशत तक रहा 18-24 आयु वर्ग में महिला ’उत्पीडऩ’ का यह आंकड़ा
-38 प्रतिशत मामलों में महिलाओं का उत्पीड़न पड़ोस में या जान-पहचान में हुआ, 29 प्रतिशत में सार्वजनिक परिवहन में हुआ।
-3 में से एक पीड़ित महिला ने ही दर्ज करवाई उत्पीड़न की शिकायत।


इस साल महिलाओं पर अत्याचार के 2110 केस


अपराध-2024-2025
-बलात्कार-320-318
-अत्याचार-1932-2110
-चेन स्नेचिंग-67-65
-पॉ€क्सो एक्ट-98-180

(जयपुर : सभी आंकड़े दोनों वर्ष में जनवरी से जुलाई तक)


हम सबकी जिम्मेदारी…


महिलाओं को न केवल सड़कों पर होने वाले अपराधों से, बल्कि साइबर अपराधों, आर्थिक भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न से भी बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
-विजया रहाटकर, अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग