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जयपुर। अगले कुछ वर्षों में राज्य का सडक़ तंत्र और मजबूत होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों ( Rajasthan National Highway ) के निर्माण में प्रमुख राज्य बने राजस्थान से 2 ऐसे राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरने वाले हैं, जिनसे प्रदेश की औद्योगिक और पर्यटन तस्वीर बदल सकती है। ये राजमार्ग राज्य के 8 जिलों को सीधे प्रभावित करेंगे। आसपास के 6-7 अन्य जिलों को भी फायदा मिलेगा। ये एक्सप्रेस हाइवे ( Express Highway in rajasthan ) पूरी तरह एक्सेस कन्ट्रोल ( Controlled Access Highway ) (नियंत्रित) होंगे। कहीं से अचानक कोई इन हाइवे पर नहीं आ सकेगा। एनएचएआइ के मुख्य महाप्रबंधक एमके जैन को इन राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की समस्याएं दूर करने के लिए राज्य सरकार के साथ समन्वय का जिम्मा सौंपा गया है।
किशनगढ़ से उदयपुर के कम होगा समय
वर्तमान में किशनगढ़ से उदयपुर के बीच चार को छह लेन बनाने का काम चल रहा है। यह पूरा होने के बाद जयपुर से उदयपुर के बीच सडक़ की दूरी भी कम हो जाएगी। वर्तमान में सडक़ मार्ग पर जयपुर से उदयपुर के बीच आठ से दस घंटे लग रहे हैं, जिसमें कमी आ जाएगी।
नई सडक़ों से बदलेगी रोड नेटवर्क की तस्वीर
दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे
यह आठ लेन का और पूरी तरह नियंत्रित होगा। इसकी लम्बाई 844 किलोमीटर होगी। इसकी सर्वाधिक लम्बाई राजस्थान में होगी। यहां कुल लम्बाई में से 372 किमी निर्माण होगा। यह हाइवे अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर, कोटा समेत अन्य जिलों से निकलेगा। इससे दिल्ली और सवाईमाधोपुर की के बीच दूरी 40 किलोमीटर कम हो जाएगी।
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे
यह एक्सप्रेस-वे छह लेन का होगा। कुल 1286 में से 633 किलोमीटर राजस्थान से होकर गुजरेगा। यहां हनुमानगढ़ के संगरिया से निकलेगा और श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, जालोर होते हुए गुजरात में प्रवेश करेगा। इससे पश्चिमी राजस्थान की गुजरात से दूरी कम हो जाएगी। जालोर समेत अन्य जिलों में निवेश बढ़ेगा, पर्यटन में भी अच्छा होगा।
Updated on:
26 Aug 2019 11:12 am
Published on:
26 Aug 2019 11:05 am
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