
नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने 2010 में धौलपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए कथित सरकारी जमीन के बदले एनएचएआइ से 1 करोड़ 97 लाख रुपए का मुआवजा लेने के मामले में जवाब के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके पुत्र दुष्यंत सिंह, सीबीआई निदेशक तथा अवाप्ति से जुडे अधिकारी खजान सिंह को नोटिस जारी करने को कहा है।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायाधीश के एम जोसेफ व नवनियुक्त न्यायाधीश हेमंत गुप्ता की पीठ ने शुक्रवार को श्रृजना श्रेष्ठ की विशेष अनुमति याचिका पर यह आदेश दिया। याचिका में कहा कि वसुंधरा राजे और दुष्यंत सिंह ने धौलपुर पैलेस के पास की 567 वर्गमीटर सरकारी भूमि को अपनी बताकर एनएचएआई से 2 करोड़ रुपए मुआवजा ले लिया।
जमीन 2010 में एनएच-3 को चौड़ा करने के लिए ली गई थी। इस मामले में वकील रहे सी एल सैनी के अनुसार सीबीआइ अभियोजन स्वीकृति बिना जांच से इनकार कर रही है। 8 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने राजे व उनके पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज करने और सीबीआइ जांच का आदेश देने से इनकार कर दिया, इसी कारण सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाया गया है।
Updated on:
03 Nov 2018 08:24 am
Published on:
03 Nov 2018 08:24 am
