
उपराष्ट्रपति पद पर एक बार फिर से राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र का दबदबा हो गया है। चुनाव संपन्न हो गया है और इसके साथ ही एनडीए उम्मीदवार 528 सांसदों के वोट के साथ जगदीप धनखड़ का उपराष्ट्रपति का चुनाव जीत गए हैं। जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति बनने के साथ ही देश की राजनीति में राजस्थान का महत्व और बढ़ गया है।
जगदीप धनखड़ राजस्थान के झुंझुनू से सांसद और अजमेर के किशनगढ़ से विधायक भी रह चुके हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में राज्यपाल भी रह चुके हैं। राजस्थान उच्च न्यायालय में वकालत भी की है। जगदीप धनकड़ ने सैनिक स्कूल में वर्ष 1962 से 69 तक पांचवीं से 11वीं तक पढ़ाई की थी।
सैनिक स्कूल में उन्होंने बड़े भाई कुलदीप धनकड़ के साथ प्रवेश लिया था। चित्तौडगढ़ के सैनिक स्कूल को छात्र क्रम नंबर 166 भी गर्व कर रहा होगा। अंग्रेजी, संस्कृत और गणित में धुआंधार धनखड़ ने वकालत में भी वर्चस्व कायम रखा।
ओम जय जगदीप...
देश की संसद आज यही तराना गा रही है। यह देश के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि देश के दोनों सदनों का नेतृत्व राजस्थान के सियासत दां करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष पद पर कोटा के सांसद ओम बिड़ला पदासीन हैं तो वहीं उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड अब राज्य सभा के अध्यक्ष हो जाएंगे। गौरतबल हे कि उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सभापति होता है।
ये हैं राजस्थान के केंद्रीय मंत्री
भूपेंद्र यादव
भूपेंद्र यादव को श्रम और पर्यावरण मंत्री हैं। भूपेंद्र यादव मूल रूप से राजस्थान के अजमेर जिले से आते हैंण् भूपेंद्र यादव ने साल 2013 के चुनाव में राजस्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस चुनाव में बीजेपी ने 164 सीट जीती थी। उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता हैं। भूपेंद्र के पास अजमेर स्थित गवर्नमेंट कॉलेज से लॉ में ग्रेजुएशन की डिग्री है। उन्हें पर्यावरण मामलों की खासी समझ है और इस वजह से उन्हें क्लाइमेट चेंज के मामलों को समझने का जिम्मा भी सौंपा गया है। 30 जून 1969 को राजस्थान में जन्में भूपेंद्र के पिता कदम सिंह यादव अजमेर में रेलवे कर्मी थे। सन 1996 में उनकी शादी बबिता यादव के साथ हुई थी। भूपेंद्र यादव इतनी संसदीय समितियों के विशेषज्ञ हैं कि उन्हें संसद के गलियारों में कमेटी मैन कहा जाता है।
गजेंद्र सिंह शेखावत
गजेंद्र सिंह शेखावत राजस्थान के सक्रिय राजनीतिज्ञ हैं और इस समय केंद्रीय जनशक्ति मंत्री हैं। इनका जन्म राजस्थान के जिला सीकर के महरोली गाँव में हुआ। इनके पिता शंकर सिंह शेखावत जन स्वास्थ्य विभाग में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी थे जिसकी वजह है उन्हें कई राज्यों में काम करना पड़ता था। इसके कारण शेखावत को कई अलग.अलग स्कूलों में पढ़ना पड़ा था। शेखावत ने जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इन्हें 1992 में जेएनवीयू विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में चुना गया।
अर्जुनराम मेघवाल
अर्जुन राम मेघवाल केन्द्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य मंत्री है। वह बीकानेर लोकसभा क्षेत्र से सांसद है। वर्ष 1977 में कानून में स्नातक और 1979 में स्नातकोत्तर पूरा करने के बाद 1982 में आरएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर राजस्थान उद्योग सेवा के लिए चुने गए। 1994 में उन्हें राजस्थान के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री हरिश्चंद्र भाभा विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया। आईएस में पदोन्नति के बाद कई पदों पर काम किया। चुरू का जिला कलेक्टर रहते हुए राजनीति में शामिल होने के लिए उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति ली। 2009 में बीकानेर से चुनाव लड़ा और सांसद बने।
कैलाश चौधरी
कैलाश चौधरी केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री हैं। वह बाड़मेर से लोकसभा सांसद हैं। इससे पहले वह राजस्थान की बायतु विधानसभा से विधायक थे। कैलाश चौधरी लम्बे समय से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से भी जुड़े हुए हैं। भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान के अध्यक्ष रहे।
Published on:
06 Aug 2022 07:54 pm
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