जयपुर में विदेशी ड्रग का भी चलन, छात्र के साथ पकड़ी एलएसडी ड्रग

 

- डाक टिकट के रूप में मिली, 8-10 हजार रुपए प्रति टिकट कीमत

- ऑपरेशन क्लीन स्वीप: पुलिस ने 40 जगह दबिश देकर 21 तस्करों व सेवन करने वालों को पकड़ा

जयपुर. करीब पांच महीने से शहर में चल रहे ऑपरेशन क्लीन स्वीप के शुक्रवार को जयपुर पुलिस ने पहली बार विदेशी ड्रग बरामद की है। ड्रग भी बी टैक के छात्र के पास मिली है। पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी में आया है कि बरामद एलएसडी ड्रग (लीसर्जिक एसिड डाइएथिमेलाइड) बेहद नशीली होती है और रेव पार्टियों में इस्तमाल ली जाती है। गौरतलब है कि ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत बीते 24 घंटों में पुलिस ने 40 जगहों पर दबिश देकर 21 अवैध मादक पदार्थ तस्कर एवं सेवन करने वालों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से ड्रग्स एलएसडी, कोकिन, ब्राउन शुगर, स्मैक, चरस, गांजा, अफीम व डोडा-पोस्त बरामद किए है।

पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि ड्रग फ्री जयपुर के उद्देश्य से चलाए गए अभियान में अभी तक की मुहिम के तहत अब तक 255 प्रकरण दर्ज कर 308 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पहली बार टैंगो, योना व गोल्फ स्नीफर डॉग्स के साथ सर्च किया जा रहा है।

8 से 10 हजार में टिकट

पहली बार पकड़ में आई एलएसडी ड्रग को लोग स्वर्ग का टिकट मानते हैं। क्योंकि इसके सेवन के बाद व्यक्ति आभासी दूनिया में चला जाता है। ड्रग के सात टिकट के साथ में बीटैक के छात्र मालवीय नगर निवासी गौरव सोनी (29) को गिरफ्तार किया है। वह डिजिटल डिजाइनिंग भी कर रहा है और हाइ क्लास नशा करता है। एलएसडी ड्रग के एक टिकट की कीमत 8 से 10 हजार रुपए के बीच आती है। आरोपी ने यह पुष्कर में किसी रेव पार्टी से लेकर आना बताया है। जिसकी पड़ताल की जा रही है।

विदेशों से आती है ड्रग

एडीसीपी विमल सिंह नेहरा ने बताया कि यह ड्रग्स अमेरिका, ग्रीस, नीदरलैंड, जर्मनी से मंगाई जाती है। बाजार में रंगीन टेबलेट, पारदर्शी तरल, जिलेटिन के पतले -पतले वर्ग के रूप में या सोख्ता कागज (ब्लॉटर पेपर) के रुप में मिलती है। आमतौर पर इसे नशे के आदी लोग ब्लॉटर पेपर के रूप में चाटते हैं। इसलिए यह डाक टिकट के रूप में आती है। तस्कर इसे बुद्धा, दलाईलामा, सनसाइन या स्वर्ग का टिकट कोडवर्ड पुकारते हैं।

खतरनाक है एलएसडी

इसका सेवन करने के बाद लोगों को सब कुछ अच्छा लगने लगता है। वह आभासी दूनिया में खो जाता है। लेकिन अधिक नशे की हालत में बहुत खतरनाक विचार आते हैं और उसे डरावने अहसास एवं डरावने दृश्य दिखाई देने लगते हैं। इसका सेवन करने के बाद व्यक्ति अपने होशो हवाश खो सकता है। उसके व्यवहार में अचानक ही बदलाव आने लगता है। हृदय गति और रक्त चाप बढ़ जाने की स्थिति भी हो जाती है। फ्लेश बैक में जाने व मनारोग भी हो सकता है।

यहां भी की कार्रवाई

सीआई लखन खटाना एवं सुरेन्द्र यादव ने बताया कि बजाज नगर निवासी प्रदीप कुमार पारीक व अनिल कुमार शर्मा को 2 किलो 875 ग्राम डोडा-पोस्त के साथ गिरफ्तार किया गया। जवाहर नगर इलाके में गांजा तस्कर टीला नंबर 2 निवासी आशा देवी, आदर्श नगर इलाके में स्मैक तस्कर मोहम्मद जुल्फीकार को 620 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया। झोटवाड़ा में मैना सांसी, शिप्रापथ इलाके में एमपी शिवपुरी निवासी अंकेश रजक, मुहाना में मदरामपुरा निवासी सावित्री सांसी, जवाहर सर्कल इलाके में बिहार निवासी विरचन्द्र कुमार को अवैध मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं कुछ लोगों को मादक पदार्थ सेवन करते हुए गिरफ्तार किया है। रामनगरिया, सदर, गलता गेट, नाहरगढ़, माणकचौक, भांकरोटा इलाके में 10 शराब तस्करों को भी पकड़ा है।

Devendra Sharma
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