हिन्दुस्तान के बढ़ते कदम
भारत सरकार के 49 साल पहले किए गए इस परीक्षण से दुनिया चकित रह गई थी। इस परीक्षण के साथ यह भी साफ कर दिया था कि यह परीक्षण पूरी तरह से शांति के लिए था। चीन, रूस, फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन के यूएनएससी के स्थाई सदस्य के बाद भारत इकलौता राष्ट्र बन गया था, जिसने ये उपलब्धि हासिल की थी। 1944 में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की स्थापना के साथ ही भारत के परमाणु शक्ति बनने की राह शुरू हो गई थी। इसके लिए मुंबई में ट्रॉम्बे परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठान की स्थापना और 3 अगस्त, 1954 को परमाणु ऊर्जा विभाग एक सरकारी एजेंसी का गठन किया गया था।