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उजियारी पंचायत का सर्वे पूरा नहीं और आंगनबाड़ी केंद्रों पर शुरु हुआ प्रवेशोत्सव

—प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की गति हुई धीमी
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ujiari panchayat

उजियारी पंचायत का सर्वे पूरा नहीं और आंगनबाड़ी केंद्रों पर शुरु हुआ प्रवेशोत्सव

—जिम्मेदार अधिकारी अभी भी सर्वे में जुटे
—जबकि 15 जून से ही शुरु हो गया है प्रवेशोत्सव कार्यक्रम
जयपुर
प्रदेशभर के वे बच्चे जिनकी उम्र 3 से 6 साल है और जिन्हें आंगनबाड़ी केंद्र पर लाया जाना है। उनके लिए सरकार ने 15 जून से प्रवेशोत्सव कार्यक्रम शुरु कर दिया है। लेकिन अभी तक 'उजियारी पंचायत' कार्यक्रम के तहत जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को बेहतर बनाने वाले आंगनबाड़ी वर्कर और जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी व्यस्तता के चलते ठीक से प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का प्रचार नहीं कर पा रहे है। जिससे इस कार्यक्रम की गति धीमी पड़ गई है। विभााग की मानें तो केंद्र पर हर बच्चे को लाने की जिम्मेदारी वर्कर पर है।

अभियान के तहत घर—घर जाकर लोगों को जागरुक करने का काम भी इन्हीं को सौंपा गया है। लेकिन जीरे ड्रॉप आउट मिशन के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। वे अपने क्षेत्र का सर्वे कर ये देखेंगे कि कितने बच्चे स्कूल जा रहे है या कितने अभी तक इससे वंचित है। लेकिन कई जगह पर ये सर्वे पूरा नहीं हो पाया। इसके चलते प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है।


हालांकि सर्वे कार्यक्रम के साथ—साथ प्रवेशोत्सव कार्यक्रम पर फोकस करने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर के साथ ही साथ आशाओं को और सहायिकाओं को भी प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है। ताकि ये कार्यक्रम प्रभावित ना हो। विभाग ने इस बारे में सभी जिलाधिकारियों, महिला पर्यवेक्षकों और आंगनबाड़ी वर्कर को अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों पर निश्वित मापदंड के अनुसार पालना कराने के निर्देश जारी किए है।

प्रवेश के दौरान से करना होगा फॉलो—
—3 से 6 साल के बच्चों का चिन्हिकरण
—छह साल की उम्र पूरी करने वाले बच्चों की संख्या
—बच्चे का वजन
—टीकाकरण हुआ या नहीं

फैक्ट फाइल—
प्रदेश में कुल 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्र
इसमें मिनी केंद्र भी हैं शामिल
प्रत्येक केंद्र पर आते हैं 15 से 20 बच्चे
प्रत्येक केंद्र पर एक वर्कर, एक आशा, एक सहायिका व एक साथिन है।

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