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पद्मावत पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले- आजादी है तो क्या गांधीजी को भांगड़ा करते दिखाओगे

पत्राकारों से बातचीत के दौरान फिल्म पद्ममावत पर बोलते हुए कहा कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर कोई कुछ...

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जयपुर

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Punit Kumar

Jan 27, 2018

 Padmavat Controversy

जयपुर। अक्सर अपने बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अब पद्मावत पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने फिल्म पद्मावत के विरोध में बोलते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर कोई कुछ भी दिखा सकता है क्या? बता दें कि उन्होंने अपना बयान राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक समारोह के दौरान दिया है।

दरअसल, केंद्रीय सूक्ष्म लघु एंव उद्यम राज्यमंत्री राजस्थान दौरे पर यहां बीकानेर पहुंचे थे। जहां वो स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन का उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। तो वहीं उनके स्वागत के लिए बीकानेर में बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। जब उन्होंने फिल्म पद्मावत के विरोध में बयान दिया।

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गिरिराज सिंह ने यहां पत्राकारों से बातचीत के दौरान फिल्म पद्ममावत पर बोलते हुए कहा कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर कोई कुछ भी नहीं कह सकता है। क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर कोई गांधीजी को भांगड़ा और कथक करते दिखा सकता है। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हमेशा से हिंदू धर्म को फिल्मों के जरिए निशाने पर लिया जाता है। साथ ही उन्होंने ने कहा कि फिल्मकार दूसरे धर्मों को लेकर इस तरह की विवादित फिल्म बनाने से क्यों बचते हैं।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री का यहां कार्यक्रम में पहुंचने से पहले बीकानेर रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने उनका जोरदार स्वागत किया। जहां बड़ी संख्या में बीजेपी के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। गौरतलब है कि गिरिराज सिंह इससे पहले भी कई तरह के बयानों को लेकर हमेशा से चर्चा में रहे हैं। तो इससे पहले भी उन्होंने फिल्म पद्मावत के विरोध में कहा था कि फिल्में बनाने के लिए फिल्मकारों को केवल पद्मावत, रानी लक्ष्मीबाई और महाराणा प्रताप ही मिलते है और इनके इतिहास को तोड़-मोड़कर पेश किया जाता है कि अगर किसी में हिम्मत है तो मोहम्द साहब पर फिल्म बनाकर दिखाए।

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गौरलतब है कि फिल्म पद्मावत का विरोध राजस्थान में ही नहीं बल्कि पूरे देशभर विभिन्न समाजिक संगठनों द्वारा किया जा रहा है। तो वहीं प्रदेश में फिल्म पर रोक को लेकर करणी सेना और राजपूत संगठनों काफी विरोध किया। फिल्म के इसी विरोध के कारण अभी फिल्म राजस्थान में रिलीज नहीं हो पाई है। हालांकि देश के अन्य राज्यों में फिल्म को प्रदर्शित किया जा चुका है।