
parrikar
जयपुर।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गोवा (Goa) के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) नहीं रहे। कैंसर की लंबी बीमारी के चलते उन्होंने सीएम हाउस में अंतिम सांस ली। वे 63 साल के थे। पर्रिकर के असमय निधन से राजनीतिक जगत को बहुत बड़ा झटका लगा है।
मनोहर पर्रिकर देश के रक्षा मंत्री रहते हुए राजस्थान में सेना के लिए लड़ाकू विमान के पुर्जों की एक इकाई बनाने की योजना बनाई थी। पर्रिकर ने रक्षा मंत्री रहते हुए जयपुर दौरे में कहा था कि सेना के हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान के पुर्जों के निर्माण के लिए रक्षा क्षेत्र में एक इकाई स्थापित होनी चाहिए। इस दौरान पर्रिकर ने सुझाव भी दिया था कि इस इकाई की स्थापना जयपुर और दिल्ली के बीच की जाए।
पर्रिकर का कहना था कि राजस्थान में पाकिस्तान से सटे हुए बॉर्डर हैं और सुरक्षा की दृष्टि से उसे और मजबूत होने की जरूरत है। राजस्थान में कोई बड़ी रक्षा विनिर्माण इकाई नहीं है। वहीं इस सिलसिले में राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री रही वसुंधरा राजे से भी बात की थी। साथ ही रक्षा विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए जमीन की पहचान के ले भी कहा था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनोहर पर्रिकर के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए देश का रक्षा मंत्री रहते हुए सेना को और अधिक मजबूत करने के लिए आभार जताया है।
राजस्थान में बजट के सिलसिले में आ चुके हैं पर्रिकर
वर्ष 2016 का बजट बनाने के लिए सरकार द्वारा मंत्रियों को संसदीय क्षेत्रों में जाकर जनता की राय जानने के लिए भेजा जा रहा है। ऐसे में मनोहर पर्रिकर राजस्थान के सांभर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने यहां जनसुनवाई की थी। पर्रिकर से जनसुनवाई के दौरान लोगों ने सांभर झील क्षेत्र को पर्यटन के लिए विकसित करने की मांग की थी।
दिग्गजों ने प्रकट की संवेदना
पर्रिकर अपने राजनीतिक सफर में स्वच्छ छवि वाले व्यक्ति के रूप में पहचाने जाते रहे हैं। पर्रिकर के निधन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे समेत कई दिग्गजों ने गहरी संवेदना प्रकट की है।
Published on:
17 Mar 2019 10:20 pm
