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Patrika Foundation Day : राजस्थान पत्रिका के सत्य और साहस के सात दशकों का सफर, जानें

Patrika Foundation Day : राजस्थान पत्रिका की शुरुआत 7 मार्च 1956 जयपुर में एक सायंकालीन दैनिक के रूप में हुई। राजस्थान पत्रिका ने सत्य और साहस के साथ सात दशकों का सफर पूरा किया। जानें पूरा ब्योरा।

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Patrika Foundation Day today Rajasthan Patrika seven decades journey of truth and courage know

फोटो पत्रिका

Patrika Foundation Day : पत्रिका ने पहले अंक के प्रकाशन के साथ ही पाठकों को सर्वोपरि रखा है। खबरों में जनहित को प्राथमिकता पर रखा। पत्रिका ने विचारों से सहमत नहीं होने पर भी विचार प्रकट करने के अधिकारों की रक्षा की। कई बार कीमत भी चुकानी पड़ी। यही तो कारण है पीढ़ी दर पीढ़ी पाठक हमारे साथ खड़ा है और हम पाठक के साथ। यही कारण है कि पाठकों के दम पर पत्रिका के कदम आगे बढ़ते रहे।

1956-1965 स्थापना और आधारशिला

सफर का आगाज : 7 मार्च 1956 राजस्थान पत्रिका की शुरुआत जयपुर में एक सायंकालीन दैनिक के रूप में हुई।

ध्येय वाक्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
हो सकता है मैं आपके विचारों से सहमत न होऊं। फिर भी आपके विचार प्रकट करने के अधिकारों की रक्षा करूंगा
- वॉल्तेयर

जनआंदोलन की आवाज
राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर बेंच के आंदोलन को प्रमुखता दी और 1962 के भारत-चीन युद्ध की विस्तृत रिपोर्टिंग की।

1966-1975 तकनीक और साहस का दौर

मुद्रण में आधुनिकता
वर्ष 1966 में स्वचालित मशीनों और पहले स्टीरियो मशीन के साथ छपाई के नए युग की शुरुआत हुई।
लोकतंत्र पर प्रहार का विरोध
वर्ष 1975 में आपातकाल की घोषणा के विरोध में संपादकीय पृष्ठ को खाली छोड़कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

1976-1985 विस्तार और सम्मान

सटीक चुनावी भविष्यवाणी
1977 के चुनाव के नतीजे को लेकर पत्रिका द्वारा की गई भविष्यवाणियां पूरी तरह सटीक सबित हुई।
राष्ट्रीय पहचान और अंग्रेजी प्रकाशन
पत्रिका मुख्यालय केसरगढ़ स्थानांतरित हुआ और अंग्रेजी संस्करण शुरू हुआ। साथ ही मुद्रण डिजाइन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।

1986-1995 क्षेत्रीय विस्तार

संभागों तक पहुंच
कोटा और बीकानेर में चौथे और पांचवें संस्करण की शुरुआत कर दूरदराज के क्षेत्र की समस्याओं को उठाना शुरू किया।

1996-2005 उत्तर दक्षिण तक सेतु

दक्षिण भारत में विस्तार
बेंगलुरु, अहमदाबाद, कोलकाता और चेन्नई में संस्करण शुरू कर पत्रिका ने उत्तर और दक्षिण के बीच एक सेतु का काम किया।
सामाजिक चेतना की शुरुआत
रिपोर्टिंग में श्रेष्ठता के लिए एशियाई स्तर के अवार्ड मिले।
पहली बार मतदाता जागरूकता अभियान की नींव रखी गई।

2006-2015 नए राज्यों में दस्तक

मध्य भारत में प्रवेश
मध्य प्रदेश (भोपाल) और छत्तीसगढ़ में पत्रिका का विस्तार हुआ।
खेल और दिशा बोध
स्थानीय खिलाड़ियों के लिए पत्रिका क्रिकेट कब और प्रधान संपादक गुलाब कोठारी द्वारा दिशा बोध कार्यक्रम की शुरुआत की गई।

अंतरराष्ट्रीय सम्मान
यूज फोटोग्राफी के लिए इफ्रा एशिया अवार्ड और संस्थापक कुलिश जी की स्मृति में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की स्थापना की गई।

2016-2025 भविष्य की ओर

भ्रष्टाचार के विरुद्ध विजय
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने वाले काले कानून के खिलाफ मुहिम चलाकर उन्हें निरस्त करवाया।
राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता पुरस्कार
चुनाव आयोग की ओर से मतदाता जागरूकता के लिए दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार हासिल किया।
संकट में जनता का सारथी
कोविड काल के दौरान घर-घर तक सही जानकारी पहुंचाने और लोगों को संबलपुर प्रदान करने का कार्य किया।