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Patrika Keynote: कुलिश जी की बात सच साबित, आबादी बोझ नहीं ताकत: बिरला

Patrika Keynote Event: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश दूरदर्शी थे, जिन्होंने काफी समय पूर्व प्रतिकूल परिस्थितियों में भी यह कहा कि बढ़ती आबादी अभिशाप और बोझ नहीं है। आज यह बात सच साबित हो रही है।

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फोटो पत्रिका

Patrika Keynote Event: जयपुर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश दूरदर्शी थे, जिन्होंने काफी समय पूर्व प्रतिकूल परिस्थितियों में भी यह कहा कि बढ़ती आबादी अभिशाप और बोझ नहीं है। आज यह बात सच साबित हो रही है। भारत अपनी जनसंख्या के बल पर वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। बिरला ने कहा कि देश के युवाओं के नैतिक मूल्य, नवाचार और नई सोच इस शक्ति को और मजबूती दे रहे हैं। वे शनिवार को जयपुर में राजस्थान पत्रिका समूह के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश जी के जन्मशती पर्व के उपलक्ष्य में 'लोकतंत्र और समाचार पत्र' विषयक पत्रिका की-नोट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

बिरला ने कहा, वर्तमान दौर में पत्रकारिता में नैतिक मूल्यों का घटता प्रभाव देखा जा रहा है, लेकिन आज भी जो नैतिक मूल्यों के आधार पर पत्रकारिता करते हैं, उन पर लोगों का विश्वास है। पत्रिका ने अब तक की यात्रा में नैतिक मूल्य बचाए रखे हैं। सामाजिक जनआंदोलन से पत्रिका ने जनभागीदारी का काम किया। आज भी पत्रिका का मूल सिद्धांत 'पाठक सर्वोपरि' है। कुलिश जी भी जनहित के लक्ष्यों को सामने रख समाज की आवाज बने। राजधानी जयपुर में राजनीति, प्रशासन, न्याय क्षेत्र, चिकित्सा ,समाज व पत्रकारिता क्षेत्र के गणमान्य लोगों की मौजूदगी वाले गरिमामय कार्यक्रम को पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के सीएम डॉ.मोहन यादव तथा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अजय रस्तौगी ने भी संबोधित किया।

शिक्षा को अध्यात्म से जोड़ने की जरूरत : कोठारी

पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा को अध्यात्म से जोड़ने की जरूरत है तभी समाज में मानवीयता का संचार हो पाएगा। आधुनिक शिक्षा प्रणाली से संवेदनाएं खत्म हो रही हैं। हम कहीं न कहीं विकसित देशों की राह पर चल पड़े हैं। कोठारी ने कहा, शिक्षा नीति में संस्कार निर्माण का पहलू जोड़ना जरूरी है। शिक्षा नीति में मातृत्व का भाव होना चाहिए है। हम समय के साथ हो रहे बदलाव को तो नहीं रोक सकते, लेकिन इसके साथ हमें समानांतर शक्ति को साथ लेकर चलना है। आधुनिकता के साथ आध्यात्मिकता को साथ लेकर चलना है। उन्होंने कहा कि आज की-नोट कार्यक्रम में भावनात्मक ऊर्जा का स्तर अलग ही दिख रहा है।

सत्ता बदली, लेकिन पत्रिका की धार नहीं : डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजस्थान में भले ही हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता रहा हो, लेकिन पत्रिका ने कभी अपनी धार नहीं छोड़ी। सत्ता चाहे किसी भी दल की रही हो, पत्रिका ने हमेशा निष्पक्षता और ईमानदारी को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि पत्रिका हर दौर में अपने ईमान पर कायम रही और जनता का भरोसा जीतने में सफल रही। डॉ. यादव का कहना था कि राजस्थान पत्रिका की अपनी एक अलग धारा है, जो उसकी अब तक की यात्रा में साफ नजर आती है। इसी धारा का असर है कि प्रदेश में समय-समय पर सत्ता परिवर्तन होता है, क्योंकि पत्रिका ने अपनी निर्भीक पत्रकारिता से जनता का विश्वास बनाए रखा है। उन्होंने पत्रिका की तुलना गंगा की पवित्र धारा से करते हुए कहा कि इसकी पत्रकारिता निष्पक्ष, निर्मल और प्रभावशाली रही है।

निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की असली ताकत : भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश ने निर्भीकता से निष्पक्ष पत्रकारिता की है। निष्पक्ष पत्रकारिता से लोकतंत्र मजबूत होता है और जनता को सीधा लाभ मिलता है, क्योंकि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की ताकत है। सीएम शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद जो दौर था उस समय निर्भीकता, जनता के विषय उठाने और देश को दिशा देने की आवश्यकता थी। ऐसे में कुलिश जी आजादी के दीवानों की बातों को सामने लाए। देश कैसे चल सकता है और राज्य की क्या आवश्यकता है, उन विषयों को भी लेकर आए। पत्रिका ने सरकार व जनता के बीच सेतु का काम किया।

शिक्षा व्यापार बन गई, इसे संस्कार का माध्यम बनाएं : रस्तोगी

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था पैसा कमाने का जरिया बनकर रह गई है। यदि शिक्षा में मानवीय मूल्यों और नैतिकता को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो समाज में असंतुलन बढ़ सकता है। जिस तरह की शिक्षा की जरूरत है, उसे समझना होगा, नहीं तो दिक्कतें सामने खड़ी हैं। उन्होंने नीति-निर्माताओं से अपील की कि वे जमीनी हकीकत को समझकर फैसले लें। शिक्षा की जरूरत के साथ संस्कृति का भी समावेश हो। उन्होंने पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी के विचारों और शिक्षा में बदलाव को लेकर उनकी चिंता का समर्थन किया और इसे समय की आवश्यकता बताया।

विश्वसनीयता के कारण पत्रिका लोकप्रिय : वैष्णव

रेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव व्यस्तता के चलते पत्रिका की-नोट कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए, उन्होंने अपने लिखित संदेश में राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश जी की जन्मशती पर्व के अवसर पर पत्रिका समूह के सभी परिवारजनों और पाठकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी और कुलिश जी की पावन स्मृति को सादर नमन किया। वैष्णव ने कहा कि पत्रिका समूह ने हाल ही में अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूरे किए हैं। इन सात दशकों में पत्रिका ने हिंदी भाषा को समृद्ध करने में बड़ा योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शब्दों में, यह अखबार लोगों के घरों के साथ-साथ उनके मन के दरवाजे भी खोलता है। उन्होंने कहा कि अपनी विश्वसनीयता के कारण ही आज पत्रिका जनता के बीच इतना लोकप्रिय है। आशा है पत्रिका समूह लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने में और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपना योगदान निभाता रहेगा।