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Patrika Sting: दशहरा मेला में प्रति गेट 50 हजार की डिमांड का भंडाफोड़, पत्रिका रिपोर्टर ने व्यापारी बन किया खुलासा

Patrika Sting: संवाददाता ने व्यापारी बनकर मेला आयोजकों से बात की तो उन्होंने बिना किसी भय के 50 हजार रुपए मांगते हुए कहा, 'आप निगम की चिंता न करें, वो हम देख लेंगे।'

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Jaipur Sting Opration

कुछ इस तरह तैयार किए गए हैं गेट। (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। दशहरे में एक महीना और पांच दिवसीय दीपोत्सव में अभी डेढ़ महीने से ज्यादा का समय शेष है। लेकिन शहर के कुछ इलाकों के बाजारों में अभी से सजावटी गेट लगाए जाने लगे हैं। नगर-निगम की पूर्व अनुमति से लगाए जाने वाले इन गेट की पत्रिका संवाददाता ने पड़ताल की तो खेल सामने आया।

संवाददाता ने व्यापारी बनकर मेला आयोजकों से बात की तो उन्होंने बिना किसी भय के 50 हजार रुपए मांगते हुए कहा, 'आप निगम की चिंता न करें, वो हम देख लेंगे।' विद्याधर नगर में बिना किसी अनुमति के दशहरा मेले की आड़ में बांस-बल्लियों से गेट सजाए जा रहे हैं।

ऐसे खुली पोलः ऑफिस का पता बताया

  • रिपोर्टरः अपनी कंपनी का नया शोरूम आ रहा है विद्याधर नगर में, प्रचार-प्रसार के लिए गेट चाहिए?
  • मेला समिति पदाधिकारीः हम विद्याधर नगर क्षेत्र में 31 गेट लगाएंगे।
  • रिपोर्टर: हमें 15 गेट की आवश्यकता है। एक गेट की कीमत ?
  • पदाधिकारी: मिल जाएंगे, आप गेट के ऊपर वाले हिस्से में अपना प्रचार कर सकेंगे। दूसरी ओर मैडम का फोटो और दशहरा मेला का विज्ञापन होगा। हमारे कार्यकर्ताओं के फोटो भी आएंगे। एक माह के लिए 50 हजार में एक गेट मिल जाएगा।
  • रिपोर्टरः प्रचार में परेशानी न हो, निगम से अनुमति भेज दीजिए, हम ऑफिस से स्वीकृति ले लेंगे।
  • मेला समिति पदाधिकारी: हमारे पास निगम से अनुमति है। कोई टैक्स नहीं कटेगा। आपको लिखकर देंगे कि गेट की पूरी जिम्मेदारी हमारी है। प्रचार के दौरान हमारा लोगो लगेगा और मैटर आपसे पास करवाएंगे।
  • रिपोर्टर: ठीक है, एक बार मैं कल आकर आपसे मिलता हूं। ऑफिस कहां है?
  • मेला समिति पदाधिकारी: मोदी फर्नीचर के नीचे अपना ऑफिस है, वहां आ जाएं।

सड़क पर हो रही मनमानी

अम्बाबाड़ी सर्कल पर तो गेट सजाने के दौरान सुरक्षा का ही ध्यान नहीं रखा जा रहा था। एक ओर मजदूर बांस बांध रहा था और दूसरा हिस्सा हवा में लटक रहा था। बारिश हुई तो मजदूर उतर गया और बांस का एक हिस्सा हवा में ही लटकता रहा। जबकि, नीचे से वाहन चालकों की आवाजाही हो रही थी।

यदि गेट पर विज्ञापन लगाए जाएंगे तो उसकी अनुमति मुख्यालय से मिलेगी। अभी तक हमारे यहां से कोई अनुमति नहीं ली गई है। -करणी सिंह, उपायुक्त, विद्याधर नगर जोन

निगम के अधिकारी बने अनजान

हमारे यहां से कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। यदि अस्थायी विज्ञापन लगाए जा रहे हैं तो उसकी अनुमति जोन स्तर से ली जाएगी। -मनोज वर्मा, उपायुक्त, राजस्व शाखा, ग्रेटर निगम

(बातचीत विद्याधर दशहरा मेला समिति के पदाधिकारी रिद्धिकरण से हुई है। पत्रिका के पास बातचीत की रिकॉर्डिंग सुरक्षित है।)

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