28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पेट्रोल की कीमतों में जबरदस्त उछाल के कारण, कहां-कहां कौनसा टैक्स वसूला जाता है जनता से!

पेट्रोल की कीमतों में जबरदस्त उछाल के कारण, कहां-कहां कौनसा टैक्स वसूला जाता है जनता से!  

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

rohit sharma

May 22, 2018

petrol

petrol

जयपुर।

प्रदेश में Petrol-Diesel की कीमतों को लेकर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। इन दिनों पेट्रोल-डीजल की कीमत 4 साल के सबसे उच्चतम स्तर पर चल रहा है। राजस्थान में पेट्रोल 79.32 रुपए और डीजल 72.01 रुपए के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली में भी पेट्रोल की कीमतों ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिल्ली में पेट्रोल 76 रुपए/लीटर के पार हो गया है। जयपुर में रविवार को Petrol 79.02 रुपए लीटर और डीजल 72.01 रुपए लीटर रहा। बीते 4 सप्ताह से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं।

हालांकि कर्नाटक चुनाव के दौरान पेट्रोल के दामों में उतार-चढ़ाव पर रोक रही। कर्नाटक चुनाव के बाद पेट्रोल रोज बढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया जो अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा है।14 मई को दैनिक समीक्षा शुरू हुई, तब से कीमतें बढ़ी हैं। एक हफ्ते में पेट्रोल 1.61 रुपए और डीजल 1.64 रुपए लीटर महंगा हो गया है।

पेट्रोलियम कंपनियों ने भले ही कच्चे तेल की कीमत का हवाला देते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हों, लेकिन सच्चाई ये है कि आज के समय में पेट्रोल की असली लागत 26.65 रुपए प्रति लीटर और डीजल की असली लागत 20.98 रुपए प्रति लीटर है।

केंद्र सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर 4 रुपए से ज्यादा उत्पाद शुल्क और 36 पैसे सीमा शुल्क वसूलती है। इस प्रकार केंद्र सरकार इन दोनों उत्पादों की लागत से ज्यादा इन पर कर वसूल लेती है। वितरण के लिए जाने के बाद राज्य सरकारें भी इस पर भारी भरकम कर लाद देती है। पेट्रोल कीमतें बढ़कर 30.70 रुपए हो जाती है.

फिर पेट्रोल पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी करीब 21 रुपए से ज्यादा प्रति लीटर के हिसाब से वसूली जाती है। इस टैक्स के साथ अब पेट्रोल की कीमत बढ़कर करीब 51 रुपए से ज्यादा हो जाती है।

इसके बाद पेट्रोल पर डीलर का 3.23 रुपए प्रति लीटर कमीशन होता है। इसके बाद पेट्रोल का दाम और बढ़कर 54.42 रुपए लीटर तक हो जाता है। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 163 फीसदी टैक्स वसूलती है। इन सब टैक्स के बाद पेट्रोल की कीमत और बढ़ कर आज के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

क्यों महंगा हुआ?
सरकार कच्चा तेल महंगा होने का हवाला देती है। पूर्व पेट्रोलियम सचिव एससी त्रिपाठी के मुताबिक चुनाव के दौरान कीमत न बढ़ाने से हुए नुकसान की भरपाई कर रही है।

कम हो सकता है?
कर सकती है, लेकिन सरकार उत्पाद शुल्क से 4-5 लाख करोड़ सालाना आय गंवाना नहीं चाहती। दवाब आता है तो केंद्र और राज्य एक-दूसरे से दाम कम करने को कहते हैं।

पेट्रोल की अन्य जगह कीमतें

जयपुर 79.02 रु./ली.
मुंबई 84.40 रु./ली.
हरियाणा 73.97 रु./ली.
दिल्ली 76.57 रु./ली.
उत्तरप्रदेश 77.62 रु./ली