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जानिए कैसे ……… बिजली बेचकर खजाना भरेगा जलदाय विभाग

कौड़ियों के दाम पानी उपलब्ध करा रहा जलदाय विभाग अब कमाई की राह पर निकलानए बनने वाले पंप हाउसों की खाली जगहों पर विभाग लगाएगा सोलर प्लांट7— 16 किलोवाट से एक मेगावाट क्षमता वाले सोलर पैनल लगाने की शर्त टेंडर में हुई शामिल खोनागोरियान और जामडोली के प्रस्तावित पंप हाउसों से होगी शुरूआतसोलर पैनल से बनी बिजली सीधे जाएगी ग्रिड में.........

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phed rajasthan

जानिए कैसे ......... बिजली बेचकर खजाना भरेगा जलदाय विभाग

जयपुर। आम के आम और गुठलियों के दाम वाली कहावत जलदाय विभाग जल्द साबित करने वाला है। आमजन को पीने का पानी कौड़ियों के काम उपलब्ध कराने वाला जलदाय विभाग अब शहर के पंप हाउसों से कमाई करने का नायाब तरीका निकाल चुका है। शहर में बनने वाले नए पंप हाउसों से इसकी शुरूआत हो रही है और सबकुछ यदि ठीक रहा तो प्रदेशभर में नए बनने वाले पंप हाउस विभाग को सालाना लाखों रुपए की बिजली बचत हो सकेगी।

माना जा रहा है कि जामडौली और खोनागोरियान मे बन रहे नए पंप हाउसों की खाली पड़ी जमीन अब विभाग के खाली हो रहे खजाने को भरेगी। बताया जा रहा है कि दोनों जगहों पर बन रहे नए पंप हाउसों में 8—10 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन करने की तैयारी विभाग ने कर ली है। पंप हाउसों का निमार्ण कर रही निजी फर्म ही सोलर पैनल भी लगाएगी वहीं सोलर पैनल से बनी बिजली डिस्कॉम के ग्रिड को सीधे बेचकर विभाग सालाना लाखों रुपए की बिजली खपत में बड़ी राहत मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ सूरजपुरा फिल्टर प्लांट पर करीब एक मेगावाट क्षमता वाले सोलर पैनल लगाए जाने का प्रस्ताव है।


सूत्रों की मानें तो खोनागोरियान और जामडोली में बनने वाले पंप हाउसों में सोलर पैनल लगाने का जिम्मा विभाग की ओर से जारी टेंडर शर्तों के अनुसार निजी फर्म को करना होगा। वहीं जयपुर शहर से होने वाली इस नई शुरूआत के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में प्रस्तावित नए पंप हाउसों में भी सोलर पैनल लगाने की अनिवार्यता विभाग लागू करेगा।

बिजली बिलों में समायोजित होगी बचत राशि
ग्रिड में बिजली देने पर जयपुर डिस्कॉम उपभोक्ता के बिजली उपभोग बिल में डिस्कॉम द्वारा दी जाने वाली राशि उपभोक्ता के आगामी बिजली बिल में समायोजित करता है। जलदाय विभाग जितनी बिजली हर महीने डिस्कॉम को ग्रिड से देगा उतनी बिजली से मिलने वाली राशि की छूट जलदाय विभाग को पंप हाउस के अगले बिजली खपत बिल में जोड़कर कम कर दी जाएगी। जा अधिकतम चार रुपए प्रति यूनिट तक बताई गई है। ऐसे में पंप हाउसों के हर महीने लाखों रुपए बिजली उपभोग बिल पेटे डिस्कॉम को हो रहे भुगतान में से बड़ी रकम की बचत होना तय माना जा रहा है।

कहां कितनी क्षमता के लगेंगे सोलर पैनल
खोनागोरियान हैडवर्क्स पर 15.3 किलोवाट, विनायक विहार 7.2 किलोवाट,पालड़ी मीणा 7.2 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगेंगे वहीं जामडोली के पॉल्ट्रीफार्म पंप हाउस में 22 किलोवाट और केशव विद्यापीठ पंप हाउस में 16 किलोवाट के सोलर पैनल बिजली उत्पादन करेंगे। फिलहाल सूरजपुरा फिल्टर प्लांट और बालावाला हैडवर्क्स में प्रस्तावित एक— एक मेगावाट के सोलर प्लांट लगाने के लिए जायका से फंडिंग की कार्रवाई चल रही है।

इनका कहना है— पंप हाउसों की खाली जमीन का उपयोग सोलर पैनल लगाकर करने से बिजली के बिलों में बड़ी राशि की बचत हो सकेगी। जयपुर समेत सूरजपुरा फिल्टर प्लांट में सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। प्रयोग सफल रहा तो पूरे प्रदेशभर में प्रस्तावित पंप हाउसों में यह नवाचार किया जाएगा। दिनेश कुमार सैनी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर रीजन द्वितीय जलदाय विभाग