
मानसी वाकल बांध, पत्रिका फोटो
Rajasthan Power Storage Projects: राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में बड़े निवेश के दावों के बीच बिजली भंडारण से जुड़े प्रस्तावित 7 पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट (पीएसपी) जमीन पर उतरने से पहले ही अटक गए हैं। अदानी, अवाडा, टीएचडीसी, एनएचपीसी और एसजेवीएन जैसी प्रमुख कंपनियों के ये हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट पानी की कमी, वन एवं अभयारण्य क्षेत्रों की बाधाओं जैसे कारणों से आगे नहीं बढ़ पाए।
कई परियोजनाएं ऐसे इलाकों में प्रस्तावित थीं, जहां या तो जल संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके या पर्यावरणीय स्वीकृतियां अटक गईं। इन प्रोजेक्ट्स से राज्य में बिजली स्टोरेज क्षमता बढ़ने और सौर-पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा को मजबूती मिलने की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा स्थिति ने निवेश के दावों और जमीनी हकीकत को सामने ला दिया। अब कुछ कंपनियां वैकल्पिक स्थान तलाश रही हैं, लेकिन समाधान नहीं मिला तो निवेश के राज्य से बाहर जाने की आशंका बढ़ जाएगी।
-क्षमता: 1000 मेगावाट
-कारण: वन और जल संसाधन विभाग की आपत्ति। पाहरकलां क्षेत्र को कुम्भलगढ़ टाइगर रिजर्व में शामिल करने का प्रस्ताव है।
पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में शुरुआत में तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं का आकलन किया जाता है। कंपनियां खुद स्थान चुनती हैं, लेकिन कई बार व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) नहीं मिलने से प्रोजेक्ट रुक जाते हैं। कुछ कंपनियां अब वैकल्पिक जगह तलाश रही हैं। निगम भी निवेशकों को सहयोग देकर समाधान निकाला जा रहा है।
-रोहित गुप्ता, एमडी, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम
Published on:
15 Apr 2026 10:06 am
