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Jaipur Crime: प्रॉपर्टी डीलर की बुलेटप्रूफ गाड़ी पर फायरिंग का मामला गहराया, बदमाशों के पास से कई हथियार बरामद

Jaipur Crime: राजधानी जयपुर के बिंदायका इलाके में प्रॉपर्टी डीलर पर हमला करने वाले बदमाशों के पास से पुलिस ने हथियार, मैग्जीन और चार कारतूस बरामद किए हैं।

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जयपुर

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Kamal Mishra

Mar 27, 2026

Jaipur Crime

गिरफ्तार बदमाश (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजधानी के बिंदायका इलाके में प्रॉपर्टी डीलर की बुलेटप्रूफ गाड़ी पर हुई फायरिंग का मामला गहराता जा रहा है। उच्च अधिकारियों के मुताबिक, व्यवसायी पर हथियार दिखाकर कार से बुलेटप्रूफ गाड़ी में टक्कर मारी गई। अधिकारियों ने बुलेटप्रूफ गाड़ी में फायरिंग की पुष्टि नहीं की है। साथ ही बदमाशों के पास से पिस्टल, देशी कट्टा, मैग्जीन और चार कारतूस बरामद करने की बात कही है।

दूसरी तरफ थाना पुलिस ने इस मामले में प्रेस नोट जारी किया। उसमें 'प्रॉपर्टी व्यवसायी पर हुई फायरिंग की घटना का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार' लिखा है। जबकि डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि अब तक फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि बदमाशों द्वारा हथियार दिखाकर दहशत फैलाने की बात सामने आई है। चारों आरोपी 29 मार्च तक पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।

इन बदमाशों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गौरतलब है कि इस मामले में कालवाड़ निवासी आसीन उर्फ यासीन, गोकुलपुरा करधनी निवासी विष्णु सिंह, दौसा निवासी गजेन्द्र सिंह और मुरलीपुरा निवासी इरशाद अली को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। प्रकरण में पारीको का मोहल्ला, सिरसी बिंदायका निवासी कमलदीप मीणा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

रिपोर्ट में क्या दर्ज कराया गया?

रिपोर्ट के अनुसार 14 मार्च को सुबह करीब 11:30 बजे वह अपने साथी जितेन्द्र मीणा और चालक अनिल सिंह के साथ बालाजी मंदिर दर्शन के लिए निकले थे। हाथोज फाटक के पास पहुंचते ही एक एसयूवी गाड़ी ने उनकी बुलेटप्रूफ कार को टक्कर मारी। इसके बाद एक अन्य कार और एसयूवी ने भी उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। आरोप है कि गाड़ी में सवार गजाधरपुरा निवासी राहुल मीणा व आसिन खान ने जान से मारने की नीयत से बंदूक से फायर किया, जिससे वे घबरा गए और मौके से भाग निकले।

एडिशनल डीसीपी ने विशेष टीम का किया था गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता और एसीपी बगरू हेमेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया था। टीम ने आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी मदद से आरोपियों को धर दबोचा। जिनके पास से पुलिस ने हथियार भी बरामद कर लिए हैं।