
देखो पुलिस की चाल, 550 मीटर पहुंचने में पुलिस को लगा आधा घंटा
जयपुर. पुलिस की गश्त और नाकाबंदी वाहन चालकों के लिए ही सिरदर्द साबित होती है, अपराधियों पर इसका कोई असर नहीं होता। जबकि शहर में चोरों का दुस्साहस दिन-प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है। रिद्धि-सिद्धि तिराहे पर नाकाबंदी प्वाइंट के सामने एक शोरूम में 45 मिनट तक चोर वारदात को अंजाम देते रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी। जब वारदात की सूचना पुलिस को मिली तो थाने से घटना स्थल तक की ५५० मीटर की दूरी भी आधे घंटे में तय कर पहुंची। मामला बढ़ता दिखा तो डेढ़-दो घंटे बाद एसीपी मौके पर पहुंचे थे। लेकिन पीडि़त को न्याय दो दिन बाद भी नहीं मिला।
अब खंगाल रहे बस्तियां
रिद्धि-सिद्धि तिराहे पर स्थित शोरूम में चोरी हुई तो पुलिस जागी, त्रिवेणी नगर, करतारपुरा, गुर्जर की थड़ी के आस-पास बसी झुग्गी झोपडिय़ां व कच्ची बस्तियों में तलाशी भी ली। लेकिन चोरों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पीडि़त रूपेश ने बताया कि शनिवार शाम के बाद से पुलिस ने दोबारा संपर्क ही नहीं किया। मानसरोवर में लूट हत्या के बाद ही पुलिस ने बस्तियों में सर्च ऑपरेशन चलाया था और अपराधी पकड़े गए थे। इससे साफ झलकता है कि पुलिस पहले से सतर्क होकर काम नहीं कर रही है। महेश नगर थानाधिकारी अरुण पूनिया ने बताया कि चोरों के संबंध में कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगे हैं, कई जगहों पर तलाश की जा रही है।
किस काम की व्यवस्था
शहर में सबसे ज्यादा चोरी रात्रि में ही होती है। रात्रि में नाकाबंदी के नाम पर पुलिस शराब के नशे में वाहन चलाने वालों की चेकिंग करती है। चेक प्वाइंट भी हर दिन एक ही रहते हैं और रूटीन के अनुसार वहां पर जाब्ता तैनात होता है। ऐसे में अपराधी पहले ही अपने भागने का रास्ता बनाकर निकलते हैं।
आसानी से निकल जाते हैं
शिप्रापथ थाना इलाके की १० बी स्कीम में डकैती की वारदात हो या फिर मानसरोवर के रेणु पथ पर लूट व हत्या का मामला। पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में रही है। पुलिस की नाक के नीचे वारदात हो जाती है तो भी बदमाश आसानी से निकल भागते हैं। ऐसा ही कुछ चोरी की वारदातों में होता है, चोरी करके अपराधी अपने ठिकाने तक पहुंच जाते हैं । शहर में चोरी से पीडि़त लोग पुलिस थानों के चक्कर लगाते नहीं थकते। सभी को एक सा ही जवाब दिया जाता है जांच कर रहे हैं, अभी पता नहीं चला है। मुरलीपुरा इलाके में एक-डेढ़ महीने पहले एक गोदाम से ६० गैस के खाली सिलेंडर चोरी हो गए थे। कई दिनों तक पुलिस शिकायत लेकर बैठी रही, एफआईआर दर्ज नहीं की। कुछ दिनों बाद विश्वकर्मा थाना पुलिस ने चोर पकड़े तो मुरलीपुरा में एफआईआर दर्ज की गई। शहर के कई थानों में ऐसी ही स्थिति है।
सुरक्षा पर नहीं ध्यान
गोपालपुरा रोड का ही बाजार नहीं शहर में हर जगह अपराध बढ़ रहा है। शोरूम में चोरी की सूचना के काफी देर बाद पुलिस पहुंची, जांच का भी पता नहीं चल रहा है। रिद्धि-सिद्धि तिराहे पर नाकाबंदी रहती है, लेकिन उसका कोई फायदा मिल नहीं रहा है। शोरूम में चोरी के आरोपियों को जल्द नहीं पकड़ा गया तो व्यापारी आंदोलन करेंगे।
पवन गोयल, अध्यक्ष गोपालपुरा बायपास व्यापार मंडल
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राजधानी में चोरी/नकबजनी का बढ़ता ग्राफ
(आंकड़े जनवरी से जून तक के)
नकबजनी चोरी
२०१७ २०१८ २०१७ २०१८
उत्तर ४३ ३० ३९३ ४५७
पश्चिम १०३ ७३ ६८४ ८५७
पूर्व १३० ११६ १२९८ १७३१
दक्षिण १४२ १४७ ८१२ ११६२
Published on:
1 Oct 2018, 1:02 AM IST
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