
जयपुर। पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। आज दोपहर 1 बजकर 39 मिनट पर साल का सबसे अच्छा गुरु आैर पुष्य नक्षत्र लगेगा। ऐसा संयोग 2 से 3 साल में एक बार ही आता है।
इस दिन किए गए सारे काम होते हैं सफल
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, इस नक्षत्र में प्रथम पूज्य की आराधना करने से सभी तरह के संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन किए गए सारे काम सफल होते हैं आैर इस नक्षत्र में खरीदारी को भी बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में वाहन, भूखंड, मकान, स्वर्ण आदि खरीदना शुभ माना गया है। गुरु पुष्य गुरुवार दोपहर 1.39 से शुरू होकर अगले दिन तक रहेगा।
गणेश मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन
सनातन धर्म में उदियात का महत्व होने से पुष्य नक्षत्र पर शुक्रवार को शहर के गणेश मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे। प्रात: प्रथम पूज्य गणपति को पंचामृत से अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई जाएगी और मोदकों का भोग अर्पित किया जाएगा।
गणेशजी को अर्पित किया जाएगा मोदकों का भोग
मोती डूंगरी गणेशजी के महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में बूरा, शहद, गंगा जल, केवड़ा जल, इत्र इत्यादि से अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई जाएगी। इस मौके पर गणेशजी को मोदकों का भोग अर्पित किया जाएगा। नहर के गणेश मंदिर में महंत जय शर्मा के सान्निध्य में गणपति का अभिषेक कर मोदक का भोग लगाया जाएगा।
श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र बांधे जाएंगे
श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र बांधे जाएंगे। सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर में महंत मोहनलाल शर्मा और परकोटे के गणेशजी के मंदिर में महंत कैलाशचंद शर्मा के सान्निध्य में प्रथम पूज्य का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद मोदकों का भोग लगाया जाएगा। शाम को प्रथम पूज्य को फूल बंगले में विराजित किया जाएगा।
Updated on:
09 Nov 2017 10:59 am
Published on:
09 Nov 2017 10:58 am
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