
'राई का बाग' रेलवे स्टेशन पर अपडेट
Raika Bagh Railway Station Update : 'राई का बाग' रेलवे स्टेशन पर अपडेट। राजस्थान के जोधपुर शहर में 'राइ का बाग' रेलवे स्टेशन का नाम बदलने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई बड़े नेता नाम बदलने के लिए एक सुर में आवाज उठा चुके है। पर रेल मंत्रालय कुछ सुन नहीं रहा है। पर आज शुक्रवार को 'राइ का बाग' रेलवे स्टेशन पर नया अपडेट आया है। राजस्थान विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को राज्य विधान सभा में बताया कि जोधपुर स्थित 'राईका बाग' रेलवे स्टेशन का नाम 'राई का बाग' लिखा जाना पुरानी लिपिकीय त्रुटि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस त्रुटि को सुधारने के लिए जुटी हुई है। मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि रेलवे को पत्र लिखा गया है और विश्वास है कि शीघ्र ही इसका समाधान हो जाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल शून्यकाल में रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी द्वारा इस सम्बन्ध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाये गए मामले पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि यह भावनात्मक विषय होने के साथ ही समाज के नाम से जुड़ा हुआ विषय भी है।
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संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार केन्द्र सरकार से सम्पर्क कर यथाशीघ्र इस लिपिकीय त्रुटि को ठीक करवाएगी। उन्होंने कहा कि समाज को इस विषय को लेकर आन्दोलन करने की आवश्यकता नहीं है, राज्य सरकार इस विषय पर समाज की भावना के साथ है।
'राई का बाग' रेलवे स्टेशन क्यों विवादों में आया है। मामला यह है कि 'राई का बाग' रेलवे स्टेशन सही नाम नहीं है। इस रेलवे स्टेशन का सही नाम 'राईका बाग'। बताया जाता है कि राजस्थान के जोधपुर शहर में बड़ा इलाका है जिसे राई का बाग नाम से जाना जाता है। यहां की जमीन पूर्व में राईका (देवासी) समाज की थी। जिसे रेलवे स्टेशन बनाने के लिए सरकार को दे दिया गया था। राईका समाज की इस उदारता की वजह से यह बनने वाले रेलवे स्टेशन का नाम इस समाज के नाम पर किया गया था। पर रेल मंत्रालय के रिकॉर्ड में नाम लिखने में चूक हो जाने की वजह से 'राईका बाग' के जगह पर 'राई का बाग' लिखा गया। इस त्रुटि की वजह से अर्थ का अनर्थ हो गया। राईका समाज के लोग रेलवे स्टेशन का नाम सही करने की मांग कर रहे हैं।
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Updated on:
02 Aug 2024 07:26 pm
Published on:
02 Aug 2024 07:20 pm
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