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Railway: भाई-बहन की डोर, टिकट की दौड़ में हो रही कमजोर…. रक्षाबंधन से 20 दिन पहले ही ट्रेनें फुल

रक्षाबंधन का त्योहार करीब है… भाई की कलाई पर राखी बांधने का सपना सजाए बहनों की आंखों में चमक है, पर सफर की राह में टिकट की दीवार खड़ी है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग और ‘नो रूम’ की स्थिति ने भाई-बहन के इस मिलन को और मुश्किल बना दिया है। वजह यह है कि त्योहार से पहले ही जयपुर से चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोच फुल हो चुके हैं।

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रक्षाबंधन त्योहार से पहले ट्रेनों में बढ़ा पैसेंजर लोड, पत्रिका फोटो

रक्षाबंधन त्योहार से पहले ट्रेनों में बढ़ा पैसेंजर लोड, पत्रिका फोटो

Jaipur: रक्षाबंधन का त्योहार करीब है… भाई की कलाई पर राखी बांधने का सपना सजाए बहनों की आंखों में चमक है, पर सफर की राह में टिकट की दीवार खड़ी है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग और ‘नो रूम’ की स्थिति ने भाई-बहन के इस मिलन को और मुश्किल बना दिया है। वजह यह है कि त्योहार से पहले ही जयपुर से चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोच फुल हो चुके हैं। साबरमती-थावे ट्रेन, शालीमार एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में रक्षा बंधन के आसपास बुकिंग करने पर नो रूम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यात्रियों की उम्मीदें अब तत्काल कोटे और संभावित स्पेशल ट्रेनों पर टिक गई हैं।

स्पेशल ट्रेनों का इंतजार

रेलवे ने अब तक जयपुर से पूर्व और उत्तर भारत के लिए कोई रक्षा बंधन स्पेशल ट्रेन घोषित नहीं की है। पिछले वर्ष इसी समय रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी कर दिया था, जिससे यात्रियों को राहत मिली थी। इस बार स्थिति स्पष्ट न होने से यात्री असमंजस में हैं कि ट्रेन टिकट का इंतजार करें या बस और फ्लाइट्स का सहारा लें। फिलहाल, हवाई किराए में ज्यादा वृद्धि नहीं हुई है, जिससे कुछ राहत मिली है।

सफर की राह में टिकट की दीवार खड़ी है

रक्षा बंधन के मौके पर जयपुर आने-जाने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है। आमतौर पर त्योहार से 3-4 दिन पहले ट्रेनें फुल होती हैं, लेकिन इस बार एक हफ्ते पहले ही रिजर्वेशन पर लंबी वेटिंग मिलने लगी है। जयपुर से कानपुर, गुवाहाटी, कोलकाता, वाराणसी, सियालदाह, लखनऊ, पुणे, मुंबई सहित कई शहरों की ट्रेनों में वेटिंग सूची सबसे लंबी है। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हो रही है जो परिवार के साथ यात्रा करना चाहते हैं। यात्रियों का कहना है कि अब तत्काल कोटे पर ही भरोसा करना होगा क्योंकि अन्य विकल्प सीमित हैं।

इन ट्रेनों में नो रूम

8 और 9 अगस्त: जयपुर-लखनऊ साबरमती-थावे ट्रेन (स्लीपर और सेकंड एसी)
पोरबंदर-मुजफ्फरपुर ट्रेन: स्लीपर श्रेणी में नो रूम
7 अगस्त: साबरमती-थावे ट्रेन (स्लीपर, सेकंड और थर्ड एसी)
8 और 9 अगस्त: जम्मूतवी जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस (थर्ड एसी)
8 अगस्त: साबरमती-वाराणसी ट्रेन (स्लीपर और थर्ड एसी)

इन ट्रेनों में सबसे ज्यादा मारामारी

जोधपुर-हावड़ा, अजमेर-सियालदाह, गलताधाम सुपरफास्ट (जम्मू), शालीमार एक्सप्रेस
मरूधर एक्सप्रेस (वाराणसी), साबरमती-वाराणसी
जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट, अरावली एक्सप्रेस, गरीबरथ एक्सप्रेस
जयपुर-पुणे सुपरफास्ट
इनमें स्लीपर श्रेणी की वेटिंग सूची 40 से 100 तक पहुंच गई है।