
जयपुर. ट्रेन हादसों की रोकथाम को लेकर रेलवे नित नए प्रयोग कर रहा है। इसके कारण अब गेटमैन केबिन में भी वॉयस लॉगर (वॉयस रिकॉर्डर) लगाए जाएंगे। इससे स्टेशन मास्टर व गेटमैन के बीच टेलीफोन पर होने वाली बातचीत रिकॉर्ड हो जाएगी। हादसे के वक्त दोनों एक- दूसरे पर आरोप लगाते हुए अपनी गलती छिपाने के लिए झूठ नहीं बोल पाएंगे। साथ ही जांच में भी आसानी होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रेनों में लगातार हो रहे हादसों के पीछे संचार प्रणाली में तकनीकी खामियां प्रमुख कारण मानी जा रही है। रेलवे ने अब इसे मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत वॉयस लॉगर सिस्टम लगाए जाएंगे। ये गेटमैन के केबिन में लगाए जाएंगे। इससे रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा। साथ ही अगर कोई घटना भी घटित होती है तो उसकी हकीकत सामने आ जाएगी।
क्या है वॉयस लॉगर
वॉयस लॉगर एक हार्डवेयर या कम्प्यूटर डिवाइस है जिसे केबिन में लगाया जाता है। यह एक रिकॉर्डर है जिसमें बातचीत रिकॉर्ड हो सकेगी। जरूरत पड़ने पर उसे कभी भी सुना जा सकेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि कुछ जोनल रेलवे में तो वॉयस लॉगर लगने लगा है। जल्द ही उत्तर पश्चिम रेलवे में भी शुरू हो जाएगा।
Published on:
22 Sept 2023 09:50 am
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