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Rajasthan : राजस्थान के 10 शहरों की जनता साफ हवा को तरसी, देश में बीकानेर छठा सबसे प्रदूषित शहर

Rajasthan : सर्दी की दस्तक के साथ बड़े शहरों में प्रदूषण का खतरा बढ़ने लगा है। आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान के 10 शहरों में साफ हवा को जनता तरसी है। वहीं देश में बीकानेर छठा सबसे प्रदूषित शहर माना गया है।
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Rajasthan : फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan : सर्दी की दस्तक के साथ बड़े शहरों में प्रदूषण का खतरा बढ़ने लगा है। दिल्ली, जयपुर, इंदौर, भोपाल, कोटा और रायपुर जैसे शहरों में वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और औद्योगिक उत्सर्जन हवा को जहरीला बना रहे हैं। पराली जलाने की बढ़ती घटनाएं इस संकट को और गंभीर कर रही है। चिंता की बात यह है कि पंजाब और हरियाणा में ऐसी घटनाएं घट रही है, जबकि राजस्थान और मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ी हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की क्रेम्स लैब के उपग्रह निगरानी आंकड़ों के मुताबिक, 15 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच 7 राज्यों में धान की पराली जलाने की 654 घटनाएं दर्ज की गईं। बीते साल की समान अवधि की तुलना में मध्यप्रदेश में घटनाएं पांच गुना से ज्यादा, जबकि राजस्थान में तीन गुना हो गई।

इस बीच राजस्थान के जयपुर, बीकानेर, कोटा, बूंदी और चित्तौड़गढ़ तथा मध्यप्रदेश के भोपाल, उज्जैन व ग्वालियर सहित कई शहरों में वायु गुणवत्ता बिगड़ रही है। सर्दियों में हवा की रफ्तार घटने से प्रदूषकों का बिखराव कम होता है। ऐसे में पराली के धुएं का असर बढ़ सकता है।

औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ा रही प्रदूषण

शहरों में प्रदूषण की समस्या किसी एक स्रोत तक सीमित नहीं है। वाहनों की बढ़ती संख्या, डीजल वाहनों का धुआं, निर्माण स्थलों से उड़ती धूल, सड़कों की धूल और औद्योगिक गतिविधियां प्रदूषण बढ़ा रही हैं। वहीं, पराली जलाने से निकलने वाला धुआं क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

मध्यप्रदेश-राजस्थान में बढ़ी, यूपी में घटी (15 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच)

मध्यप्रदेश : पराली जलाने की घटनाएं पिछले साल की इसी अवधि की 61 के मुकाबले बढ़कर 337 हो गई। गुना में सबसे अधिक 45 घटनाएं दर्ज हुई, सीहोर में 35, उज्जैन में 33 व इंदौर में 20 घटनाएं सामने आईं।

राजस्थान : पराली जलाने की घटनाएं 20 से बढ़कर 60 हो गई। बारां में 33, कोटा में 10 और बूंदी में पांच घटनाएं दर्ज की गई। हाड़ौती के इन 3 जिलों में प्रदेश की घटनाओं का 80 फीसदी हिस्सा सामने आया।

अन्य राज्य : पराली जलाने की 123 घटनाएं दर्ज हुई जबकि पिछले साल इसी अवधि में 126 थीं। उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाएं 180 से घटकर 123 और हरियाणा में 15 से घटकर सात रह गई।

देश के सबसे प्रदूषित शहर

खोरा 240 (खराब)
बड़ौत 240 (खराब)
ग्रेटर नोएडा 224 (खराब)
समस्तीपुर 215 (खराब)
गाजियाबाद 208(खराब)
बीकानेर 204 (खराब)
नोएडा 201 (खराब)
बल्लभगढ़ 180 (मध्यम)
मुजफ्फरनगर 179 (मध्यम)
चित्तौड़गढ़ 177 (मध्यम)।

राजस्थान के शहर

बीकानेर 204 (खराब)
चित्तौड़गढ़ 177 (मध्यम)
श्रीगंगानगर 168 (मध्यम)
जालोर 156 (मध्यम)
भरतपुर 143 (मध्यम)
कोटा 142 (मध्यम)
चूरू 138 (मध्यम)
पाली 136 (मध्यम)
जैसलमेर 135 (मध्यम)
बूंदी 131 (मध्यम)
(14 अक्टूबर को शाम 4 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान एक्यूआइ की स्थिति)।