ठेकेदारों के शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए ठेका प्रथा बंद कर ठेकाकर्मियों को आरएलएसडीसी कंपनी का गठन कर नियुक्तियां देने की घोषणा की गई थी। इसे लेकर विभागीय स्तर पर फाइल भी चली, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया। आरएलएसडीसी का गठन प्रशासनिक सुधार विभाग के अधीन होना था।