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Rajasthan Politics : तुष्टिकरण आरोपों के बीच सीएम गहलोत का ‘श्री कृष्ण प्रेम’, जानें आखिर क्यों होने लगी चर्चा?

Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गर्माहट, तुष्टिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, आरोपों के बीच सीएम गहलोत का 'मास्टर स्ट्रोक'! रविवार को दिन भर दिखा भगवान् श्रीकृष्ण प्रेम, सुबह गोविंद दरबार में हाजरी- शाम को श्रीकृष्ण बोर्ड गठन का ऐलान  

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Rajasthan Assembly Election 2023 CM Ashok Gehlot Krishna devotee

जयपुर।

राजस्थान में चुनावी वर्ष ( Rajasthan Assembly Election 2023 /strong> ) के बीच सियासी गर्माहट बढ़ती जा रही है। भाजपा समेत अन्य विरोधी दल गहलोत सरकार को चौतरफा घेरने के इरादे से पुरज़ोर ताकत लगा रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोपों के बीच मुख्यमंत्री पर हर दूसरे-तीसरे दिन तुष्टिकरण के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की झाड़ियों के बीच अब मुख्यमंत्री भी विरोधियों पर पलटवार करते दिख रहे हैं। इसकी बानगी रविवार को देखने को मिली।

दिनभर दिखा मुख्यमंत्री का 'श्रीकृष्ण प्रेम'
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भगवान् श्रीकृष्ण प्रेम रविवार को दिन भर नज़र आया। सुबह जहां उन्होंने जयपुर के आराध्य गोविंद के दरबार गोविंददेव जी के दर्शन-पूजन किए, तो वहीं देर शाम को मुख्यमंत्री आवास से श्रीकृष्ण बोर्ड के गठन की ही घोषणा कर दी।

दिन में... : 'दरबार' में धोक, जीत का आशीर्वाद
मुख्यमंत्री गहलोत ने जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर 100 करोड़ की लागत से कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसकी डीपीआर बन रही है और विकास के काम जल्द शुरू होंगे। गोविंददेवजी मंदिर में पूजा के बाद सीएम ने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें साधने का प्रयास किया।

सीएम ने जन्माष्टमी पर्व की व्यवस्थाओं को लेकर महंत से जानकारी ली। इस बीच झांकी का समय सुबह 11.15 बजे तक था। लेकिन सीएम के आने का पता लगने के बाद ठाकुर जी ने भक्तों को करीब 50 मिनट अधिक समय तक दर्शन दिए। इस दौरान सीएम ने भक्तों को प्रसाद भी बांटा। महिला बुजुर्ग दर्शनार्थियों ने सीएम को राजस्थानी अंदाज में आर्शीवाद देते हुए कहा कि गोविंद को खूब-खूब आर्शीवाद छे, सब गरीबा को ध्यान रखो। खूब तरक्की करो, सेवा करो।

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शाम को... : श्रीकृष्ण बोर्ड का ऐलान
मुख्यमंत्री चुनावी वर्ष में मिशन मोड पर दिख रहे हैं। इसका अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अपने कार्यकाल के आखिरी वर्ष में वे विभिन्न नए बोर्डों की धड़ाधड़ घोषणाएं भी कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने रविवार देर शाम को मुख्यमंत्री निवास पर यादव समाज के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान श्रीकृष्ण बोर्ड गठन की घोषणा भी की।

दरअसल, यादव समाज इस श्रीकृष्ण बोर्ड गठन की लंबे समय से मांग कर रहा था। जैसे ही मुख्यमंत्री ने इस बोर्ड गठन का ऐलान किया वहां मौजूद समाज के सभी लोग ख़ुशी से झूम उठे।

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तीन दिन पहले ही वसुंधरा के थे आरोप
पूर्व सीएम और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने पिछले दिनों ही गहलोत सरकार पर तुष्टिकरण के आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि प्रदेश में जितनी भी साम्प्रदायिक घटनायें हुई हैं, उनके पीछे कांग्रेस की वोटों की राजनीति है। पर्दे के पीछे रह कर आग लगाने का काम कांग्रेस का है। संघ और भाजपा तो कांग्रेस की लगाई हुई आग को बुझाते हैं। आये दिन संघ के ख़िलाफ़ एक ही राग अलापने वाले गहलोत शायद भूल गए हैं कि देश की आजादी के समय जब पाकिस्तानी सेना ने कश्मीर सीमा लांघने की कोशिश की, तो सैनिकों के साथ संघ के स्वयंसेवकों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए प्राण दिए थे।

गौरतलब है कि पूर्व सीएम राजे के अलावा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया सहित कई अन्य नेता गहलोत सरकार पर समय-समय पर तुस्टीकरण के आरोप लगाते आ रहे हैं।

सीएम गहलोत भी कर रहे पलटवार
विरोधियों की ओर से तुष्टिकरण के आरोपों पर मुख्यमंत्री भी हमलावर हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने जालोर दौरे के दौरान आरएसएस और बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस प्रदेश में दंगे करवाते हैं। ये लोगों को धर्म के नाम पर भड़काते हैं। भाजपा गाय को लेकर राजनीति करती है, जबकि गायों की सेवा में हमेशा कांग्रेस आगे रही है। हम गायों के नाम पर वोटों की बात नहीं करते हैं, तो क्या हम हिंदू नहीं हैं?

सीएम ने कहा था, 'कुछ लोग तो सिर्फ राम मंदिर की राजनीति के लिए ही हिंदू बन गए, जबकि वो खुद को हिन्दू नहीं मानते हैं। राजनीति के लिए हिंदू धर्म को नहीं मानने वाले लोग भी हिंदू बन गए थे। हम राजस्थान में बीजेपी का एजेंडा नहीं चलने देंगे। हम राजस्थान में चुनाव में हिंदुत्व का एजेंडा नहीं बनने देंगे।'