
Rajasthan Politics: राजनीति में सत्ता के लिए हर राजनीतिक दल चुनाव से पहले सर्वे करा रहा है। इससे अलग सीएम अशोक गहलोत ने भी पार्टी से अलग अपने स्तर पर सर्वे करा लिया है और उनका दावा है कि वे चुनाव में वापस जीतकर सत्ता में लौट रहे है। बिरला सभागार में बुधवार को कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की कार्यशाला में गहलोत ने सर्वे का खुलासा किया। मंच पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट की नेमप्लेट थी, लेकिन वे नहीं पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कार्यशाला में यह भी कहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता 24 अप्रेल से शुरू होने वाले महंगाई राहत कैंप में जाकर लाेगों की सेवा करें और ऐसा करने वाले नेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहन प्रकाश ने प्रभारी सुखजिंदर रंधावा से ऐसे नेताओं पर कार्यवाई की मांग उठाई।
रंधावा की चेतावनी... गलतफहमी नहीं रखें
रंधावा ने चेतावनी दी कि जो कांग्रेस के खिलाफ बोलेगा, हम उसके साथ नहीं है। कोई भी गलतफहमी नहीं रखे। इस बारे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने तत्काल सभी से हाथ खड़े करवा कर संकल्प भी दिलवाया। डोटासरा ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि हमारा कार्यकर्ता बीजेपी का धुआं निकाल देगा। 15 दिन में संगठन के विस्तार की बात भी कही।
भगवान नाराज तो होते हैं लेकिन इतने नहीं कि मरीज को ही छोड़ दें
जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि चिरंजीवी योजना और राइट टू हैल्थ को लेकर राजस्थान चर्चा में है। अगर डॉक्टर देश में कहीं जाते हैं तो चर्चा होती कि ये उस राज्य के डॉक्टर हैं जहां राइट टू हैल्थ लागू किया गया है। गहलोत ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में नवनियुक्त 1763 चिकित्सकों का शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया गया है। भगवान नाराज भी होते हैं, लेकिन इतने नहीं कि मरीज को छोड़ ही दें। डॉक्टर काली पटटी बांध कर भी विरोध दर्ज कर सकते थे। बातचीत होती तो हड़ताल 7 दिन में ही खत्म हो जाती। गहलोत ने कहा कि हर डॉक्टर एसएमएस में लगना चाहता है। एक डॉक्टर का तबादला करो तो हाइकोर्ट जज, पूर्व सीएम, मंत्री की सिफारिश आ जाती है कि इस डॉक्टर को तो यहीं रखना होगा।
Updated on:
20 Apr 2023 03:46 pm
Published on:
20 Apr 2023 09:30 am
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