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हार-जीत के गणित में चुनावी पत्ते फेंट रही बीजेपी, राजस्थान की सभी 25 सीटों को जीतने के लिए ये बना रही रणनीति

Rajasthan Politics: हार-जीत के गणित में चुनावी पत्ते फेंट रही बीजेपी की छोटे दल-निर्दलीयों पर भी नजर। चार दलों के प्रत्याशियों और आठ निर्दलीयों ने विधानसभा चुनाव में दर्ज की थी जीत।

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अरविन्द सिंह शक्तावत
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव घोषणा में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। फरवरी अंत या मार्च की शुरुआत में कभी भी लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है और आचार संहिता लग जाएगी। भाजपा इस बार भी राजस्थान में सभी 25 सीटों को जीतने का लक्ष्य ले कर चल रही है। इस लक्ष्य को साधने के लिए पार्टी ने विधानसभा चुनाव परिणाम की समीक्षा करना शुरू कर दिया है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा क्षेत्रीय दलों और निर्दलीयों के प्रभाव का भी लोकसभावार आकलन कर रही है। पार्टी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाली बीएपी, बसपा, आरएलपी और आरएलडी की वर्तमान स्थिति का आकलन कर रही है। इन चार दलों ने छह लोकसभा सीटों में आने वाली विधानसभा सीटों में जीत दर्ज की थी। इनके अलावा पार्टी उन सात लोकसभा सीटों का भी आकलन कर रही है, जहां निर्दलीयों ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।
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आकलन के आधार पर ही जोड़-ताेड़ की शुरुआत
भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए एक जॉइनिंग कमेटी बनाई है। यह कमेटी उन लोगों के सम्पर्क में है, जो दूसरे दल छोड़ कर भाजपा में आना चाहते हैं। पार्टी पहले लोकसभा चुनाव में जीत-हार और टक्कर का आकलन जल्द ही पूरा करेगी। इसके बाद तय करेगी कि किसे पार्टी में शामिल करना है। बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीट की आठ विधानसभा सीटों में से पार्टी इस बार मात्र तीन ही सीट जीत पाई थी। ऐसे में यहां से कांग्रेस और अन्य दलों के प्रमुख नेताओं को साधने का काम पार्टी शुरू कर चुकी है। कांग्रेस सरकार के एक पूर्व मंत्री का तो भाजपा के प्रमुख नेताओं से सम्पर्क लगातार बना हुआ है। दिल्ली से हरी झंडी मिलती है तो ये पूर्व मंत्री कभी भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

निर्दलीयों को साथ लेने पर चल रहा मंथन
पार्टी सूत्रों के अनुसार चित्तौड़गढ़, भरतपुर, भीलवाड़ा, बाड़मेर और श्रीगंगानगर लोकसभा की विधानसभा सीटों से जीते निर्दलीयों से बड़े नेताओं की बातचीत जारी है। एक-दो ने अपने यहां उम्मीदवार बदलने की मांग रखी है। अब पार्टी को यह तय करना है कि निर्दलीयों के समर्थन के लिए उम्मीदवार बदला जाएगा या फिर पार्टी अपनी शर्तों पर ही उम्मीदवार तय करेगी।
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दो बार से भाजपा का प्रदर्शन अच्छा
प्रदेश में 2013 में भाजपा की सरकार बनी थी और 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनी और 2019 के लोकसभा चुनावों में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। भाजपा ने एक सीट पर गठबंधन किया और सभी 25 सीटाें पर जीत दर्ज की।

किस लोकसभा में कौन सा दल-निर्दलीय जीता
बसपा- धौलपुर, चूरू
बीएपी- बांसवाड़ा- डूंगरपुर, उदयपुर
आरएलपी- नागौर
आरएलडी- भरतपुर
निर्दलीय- भीलवाड़ा, भरतपुर, श्रीगंगानगर- हनुमानगढ़, चित्तौड़गढ़, जालोर, बाड़मेर, नागौर


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