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बजट भाषण के दौरान तैश में आये स्पीकर कैलाश मेघवाल, हनुमान बेनीवाल को कह डाला…

जैसे ही वित्त मंत्री ने बजट भाषण शुरू किया वैसे ही विपक्ष की ओर से हंगामा शुरू हो गया। इस बीच विधानसभा स्पीकर तैश में आ गए।

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hanuman beniwal

जयपुर।

राजस्थान विधानसभा में सोमवार को वित्त मंत्री की ओर से राज्य बजट पेश किया गया। जैसे ही वित्त मंत्री ने बजट भाषण शुरू किया वैसे ही विपक्ष की ओर से हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी विधायक किसानों की सम्पूर्ण क़र्ज़ माफ़ी की मांग को लेकर शोर-शराबा करने लगे। कांग्रेस के गोविन्द सिंह डोटासरा के साथ ही खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल भी व्यवधान डालने लगे। इस बीच विधानसभा स्पीकर तैश में आ गए।

'मार्शल उठाकर बाहर फेंकों'
बजट भाषण के दौरान डोटासरा के बाद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा की बात कहते हुए अपनी बात सदन में रखनी चाही। इस बीच बजट भाषण में व्यवधान उत्पन्न होने पर स्पीकर कैलाश मेघवाल ने विधायकों को शांत रखने का आग्रह किया। लेकिन जब शोर-शराबा जारी रहा तो स्पीकर ने मार्शल को पुकारते हुए कहा- 'आपने विधानसभा को मजाक समझ रखा है,बैठ जाइए .. मार्शल.. हनुमान बेनीवाल को उठाकर बाहर फेंक देना।''

काले कानून पर विरोध
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने भी बजट भाषण शुरू होने के साथ ही किसानों की क़र्ज़ माफ़ी और काले कानून मामले पर अपनी बात रखी। डूडी ने सरकार से काला कानून वापस लेने को कहा।

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बजट हुआ पेश
राजस्थान सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट में किसानों का कर्जा माफ करने, 70 हजार रिक्त पद भरने तथा सड़क, सिंचाई, चिकित्सा, पेयजल सहित कई योजनाओं की घोषणा करते हुए 17 हजार 454 करोड़ 85 लाख रुपए का राजस्व घाटे का बजट प्रस्ताव पेश किया।

वित्त मंत्री ने विधानसभा में बजट प्रस्ताव पेश करते हुए उप चुनावों में हुई हार के बाद कई लोक लुभावनी घोषणायें की। उन्होंने अपनी पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत और सुंदर सिंह भंडारी को सम्मान देते हुए उनके नाम से दो योजनाएं शुरू करने की भी घोषणा की।

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बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया हैं और साढ़े छह सौ करोड़ रुपए की राहत दी गई। वित्त मंत्री ने किसानों को राहत देने की घोषणा करते हुये किसानों को पचास हजार तक सहकारी बैंकों के लघु एवं सीमांत किसानों के ऋण को माफ करने, कृषि उपकरणों पर भी राहत देने के साथ ही सहकारिता क्षेत्र के मध्यम और लघु किसानों को भी अनुदान पर राहत दी। जिसका सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया।

बजट प्रस्ताव के अनुसार सरकार को वर्ष 2018-19 में कुल एक लाख 51 हजार 663 करोड़ 50 लाख की राजस्व प्राप्तियां होगी तथा राजस्व व्यय एक लाख 69 हजार 118 करोड़ 35 लाख रूपए होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2018-19 के बजट अनुमानों में राजकोषीय घाटा 28 हजार 11 करोड़ 21 लाख रूपये होने का अनुमान है जो कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद का दो दशमलव 98 प्रतिशत है और यह वित्तीय दायित्व एवं प्रबंधन अधिनियम की निर्धारित सीमा में है।