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Rajasthan: निकाय चुनाव में सियासी रसूख के साथ क्रिमिनल रिकॉर्ड भी चर्चा में, 100 से ज्यादा प्रत्याशियों पर केस

निकाय चुनाव में इस बार सियासी रसूख के साथ अपराध की छाप भी चुनावी मैदान में नजर आ रही है। प्रदेश के अलग-अलग निकायों में 100 से ज्यादा प्रत्याशियों ने अपने हलफनामों में आपराधिक प्रकरण घोषित किए हैं।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 9 Sep 2026, 10:11 AM IST

Rajasthan election criminal records

अपराध की छाप भी चुनावी मैदान में नजर आ रही। फोटो: एआई

जयपुर। निकाय चुनाव में इस बार सियासी रसूख के साथ अपराध की छाप भी चुनावी मैदान में नजर आ रही है। प्रदेश के अलग-अलग निकायों में 100 से ज्यादा प्रत्याशियों ने अपने हलफनामों में आपराधिक प्रकरण घोषित किए हैं। किसी पर मारपीट-धोखाधड़ी के मामले हैं तो किसी पर हत्या के प्रयास, महिला संबंधी अपराध, जालसाजी और हथियार अधिनियम जैसी गंभीर धाराएं। कुछ प्रत्याशी तो ऐसे भी हैं, जिनके अपराधिक प्रकरण या सजा के चलते पर्चे तक खारिज हो गए।

बीकानेर: 21 पर आपराधिक मामले

बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में 373 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 21 प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी कुल प्रत्याशियों में करीब 5.6 फीसदी ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें कुछ पर सामान्य मारपीट और शांतिभंग से जुड़े मामले हैं, जबकि कुछ प्रत्याशियों पर हत्या के प्रयास, जानलेवा हमले, महिला से छेड़छाड़ /अभद्रता, धोखाधड़ी और हथियार अधिनियम जैसी गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं।

जयपुर: 17 प्रत्याशियों ने आपराधिक मामले घोषित किए

जयपुर में भाजपा के आठ और कांग्रेस के नौ प्रत्याशियों समेत कुल 17 प्रत्याशियों ने हलफनामों में अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 111 में कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन आपराधिक प्रकरण के कारण निरस्त कर दिया गया था। पांच साल से अधिक की सजा की धारा में आरोप तय होने के चलते उनका नामांकन खारिज किया गया था।

अजमेर: किसी पर मारपीट, किसी पर धोखाधड़ी

वार्ड 18 से भाजपा के विक्रम तम्बोली के खिलाफ 2016 में सरकारी कर्मचारी से मारपीट का मामला दर्ज हुआ था, जो अदालत में विचाराधीन हैं। वार्ड 20 से कांग्रेस के ऋषभ पटेल पर रास्ता रोककर मारपीट समेत दो मामले दर्ज हैं। वार्ड 35 से भाजपा के दीदार चौहान को 2012 के लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में 600 रुपए जुर्माना हुआ था। वार्ड 48 से कांग्रेस के निर्मल बैरवाल पर 13 आरपीजीओ के दो मामले विचाराधीन हैं। वार्ड 50 से कांग्रेस के चंदनसिंह पर 2019 में आइपीसी की धारा 447 और 427 के तहत मामला दर्ज हुआ था। वार्ड 63 से कांग्रेस के मोहसिन खान 2015 के धोखाधड़ी मामले में मई 2026 में अदालत से दोष मुक्त हो चुके हैं।

कोटाः भाजपा के छह, कांग्रेस के चार प्रत्याशी

कोटा में 10 प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें भाजपा के छह और कांग्रेस के चार प्रत्याशी हैं। सभी मामले अदालत में हैं।

श्रीगंगानगरः 12 पर आपराधिक प्रकरण

श्रीगंगानगर जिले में 12 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें मारपीट, राजकार्य में बाधा और धोखाधड़ी जैसे मामले शामिल हैं।

झालावाड़: एक पर 4 मामले

झालावाड़ नगर परिषद में भाजपा के वार्ड 26 प्रत्याशी मनोज गुर्जर के खिलाफ 4 मामले दर्ज हैं। वार्ड 29 के बलवीर पर हिंडोली, जिला बूंदी में एक मामला दर्ज है।

डूंगरपुरः दो प्रत्याशियों पर मामले, गंभीर मामला नहीं

डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव में दो उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गंभीर प्रकृति का एक भी मामला नहीं है।

सीकरः सजा के चलते दो के पर्चे खारिज

सीकर के रींगस और खंडेला में एक-एक प्रत्याशी ने आवेदन किया था, लेकिन मामले में सजा सुनाई जाने की वजह से दोनों के पर्चे खारिज कर दिए गए।