
जयपुर।
राजस्थान में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां ज़ोरों पर हैं। राजनितिक दलों और उनके नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला भी परवान चढ़ने लगा है। हर बार की तरह इस बार भी मुकाबला दो प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। सत्ताधारी बीजेपी की फिर से सरकार बनाने का ज़िम्मा जहां खुद सीएम वसुंधरा राजे संभाल रहीं हैं वहीं कांग्रेस की बागडौर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के ज़िम्मे है। इस सियासी सरगर्मी में सीएम राजे और सचिन पायलट के बीच एक-दूसरे पर बयानबाज़ी भी ज़ोरों पर है। लेकिन इन सभी सियासी घटनाक्रमों के बीच 'पायलट' सीएम राजे के रक्षक बने हुए हैं।
दरअसल, सीएम राजे के साथ दो महीने में लगातार दो बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें उनका हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार होते-होते बचा है। इन दोनों घटनाओं में सीएम राजे के हेलीकॉप्टर चालकों की सूझबूझ ही काम में आई है। पहली घटना बीकानेर में पिछले महीने जुलाई में हुई, जबकि दूसरी घटना बुधवार को प्रतापगढ़ ज़िले के धरियावाद में हुई। इन दोनों ही घटनाओं में यदि पायलट समय रहते फ़ौरन सूझ-बूझ नहीं दिखा पाते या फैसला लेने में देरी कर लेते तो मामला गंभीर हो सकता था।
तेज़ बारिश में फंस गया हेलीकॉप्टर
सीएम राजे इन दिनों राजस्थान गौरव यात्रा पर हैं। इस दौरान वे कभी सड़क मार्ग तो कभी हवाई सफर तय कर रहीं हैं। बुधवार को सीएम राजे यात्रा के समापन के बाद प्रतापगढ़ के धरियावद पहुंची। इससे पहले सीएम राजे का हेलीकॉप्टर जोरदार बारिश के कारण मुश्किल से उतर पाया। सूत्रों के अनुसार हेलिकॉप्टर जैसे ही मुख्यमंत्री को लेकर धरिवाद पहुंचा तो वहां तेज बारिश की वजह सेे नीचे उतरने की लॉकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। इसके चलते मुख्यमंत्री को लेकर हेलिकॉप्टर ने दो-तीन चक्कर हवा में ही काटे। इसके बाद नीचे उतरा।
इस बीच अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई। बांसवाड़ा को भी अलर्ट किया गया कि अगर में धरियावद में हेलिकॉप्टर नहीं उतर पाता है तो वापस बांसवाड़ा लौटेंगे और इसकी तैयारी रखें।
पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने बताया कि अलर्ट आने के बाद बांसवाड़ा में सभी तैयारियां कर ली गई थी। साथ ही कॉलेज मैदान के हेलीपेड पर सुरक्षाकर्मियों को भी नए सिरे से नियुक्त किया गया। लेकिन बाद में धरियावद में हेलिकॉप्टर की लेडिंग हो गई।
बीकानेर में भी लड़खड़ाया था सीएम राजे का हेलीकॉप्टर
गौरतलब है कि पिछले महीने ही जुलाई में मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे का हेलीकॉप्टर बीकानेर के देशनोक में हेलीपैड पर उतरने के दौरान लड़खड़ा गया था। पायलट की चूक के कारण हेलीकॉप्टर निर्धारित स्थान से कुछ दूरी पर उतरा जा रहा था। हालांकि पायलट ने बिना समय गंवाए अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को वापस हवा में उड़ा दिया। गनीमत रही कि हेलीकॉप्टर असंतुलित होकर भी संभल गया। अन्यथा हादसा हो सकता था।
हेलीकॉप्टर को हवा में लड़खड़ाते देख सुरक्षा एजेन्सियां और पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए थे। हेलीपैड पर स्वागत के लिए खड़े लोग भी धूल उडऩे के कारण ठीक से इस नजारे को देख नहीं पाए। बाद में जैसे ही उन्हें पता लगा कि हेलीकॉप्टर लड़खड़ाने लगा है, तो वे मौके से दूर हो गए।
Updated on:
09 Aug 2018 11:14 am
Published on:
09 Aug 2018 11:14 am
