
लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दावेदारी जता रहे राजस्थान के भाजपा और कांग्रेस पार्टी के दावेदारों और समर्थकों की धड़कनें आज फिर बढ़ी हुई हैं। दरअसल, आज नई दिल्ली में दो महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। एक बैठक भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में बुलाई गई है, तो वहीं अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति भी पार्टी मुख्यालय पर बुलाई गई है। ऐसे में सभी की नज़रें एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी से होने वाली घोषणा पर टिकी हुई हैं।
राजस्थान की कुल 25 लोकसभा सीटों पर भाजपा अब तक जहां 15 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी हैं, वहीं कांग्रेस अभी तक एक भी सीट पर उम्मीदवार चयन को लेकर कोई फैसला नहीं कर सकी है। इस लिहाज़ से अब भाजपा की शेष रही 10 सीटों पर, तो कांग्रेस की सभी सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा का इंतज़ार है।
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इनमें सबसे ज़्यादा चर्चा पूर्व सीएम अशोक गहलोत के जोधपुर सीट से और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के टोंक लोक सभा सीट से चुनाव लड़ने को लेकर हो रही है। हालांकि इन दोनों नेताओं ने अंतिम निर्णय केंद्रीय चुनाव समिति पर ही छोड़ रखा है।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस राजस्थान में भाजपा की हैट्रिक को रोकने के लिए बघेल की तर्ज पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट को चुनावी मैदान में उतार सकती है।
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राजस्थान में पिछले दो बार से लगातार बीजेपी 25 में से 25 सीट जीतकर हैट्रिक लगाई है। इसे रोकने के लिए कांग्रेस पूरी तरह से प्रयास कर रही है। इसी क्रम में कांग्रेस ने राजस्थान को देखते हुए जल्दबाजी नहीं करने का फैसला लिया है। इस बार कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट दिखाई दे रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राजस्थान में कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। बीजेपी लगातार 25 में से 25 सीटों पर जीत रही है। इस बार हैट्रिक लगाने की बारी है।
लोकसभा चुनावों में कांग्रेस पिछले दो लोकसभा चुनाव के परिणामों में बदलाव की उम्मीद कर रही है। इसी कारण कांग्रेस राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को लोकसभा चुनाव लड़वाने का प्लान बना रही है। ऐसा माना जा रहा है कि ये तीनों नेता राज्य में कांग्रेस की लोकसभा सीटों का 10 साल का सूखा समाप्त कर सकते हैं।
राजस्थान में भाजपा की घोषित 15 सीटों पर ज़्यादातर में किसी तरह का विरोध खुलकर सामने नहीं आया है। जोधपुर और चूरू की दो सीटों पर ज़रूर विरोध के स्वर उठे थे। इसमें से जोधपुर उम्मीदवार केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के टिकट के विरोध में उतरे वरिष्ठ नेता बाबू सिंह राठौड़ को मना लिया गया है, जबकि चूरू में उम्मीदवार देवेंद्र झाझड़िया के विरोध में उतरे मौजूदा सांसद राहुल कस्वां के आक्रामक तेवर जारी हैं। कस्वां के आज भाजपा छोड़ कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की भी चर्चा है।
Published on:
11 Mar 2024 11:52 am
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