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राजस्थान में डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने की मांग, अरिसदा ने कहा- तुरंत फैसला ले सरकार

राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की भारी कमी के बीच अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने राज्य सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील की है।

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जयपुर

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Arvind Rao

May 02, 2026

Rajasthan doctor shortage

राजस्थान के सरकारी डॉक्टरों की बढ़ सकती है रिटायरमेंट की उम्र! अरिसदा की अपील के बाद सरकार पर बढ़ा दबाव (फोटो-एआई)

जयपुर: राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में लगातार चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकों की भारी कमी को देखते हुए अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ (अरिसदा) ने राज्य सरकार से मांग की है कि डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए।

बता दें कि इस संबंध में अरिसदा के अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी ने सरकार से तत्काल निर्णय लेने की पुरजोर अपील की है। डॉ. अजय चौधरी का कहना है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। यदि सरकार सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में तीन वर्ष की बढ़ोतरी करती है, तो अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं अधिक समय तक उपलब्ध रहेंगी।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा। बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। वर्तमान में डॉक्टरों की कमी के कारण गांवों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संकट गहराया

अरिसदा के अनुसार, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थिति बेहद चिंताजनक है। कई प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त एंबुलेंस और दवाइयां तो उपलब्ध हैं, लेकिन डॉक्टरों के अभाव में मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता और उन्हें बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। ऐसे में कई बार समय पर इलाज न मिलने से मरीजों की जान पर बन आती है।

सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग

संघ का मानना है कि सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने से स्वास्थ्य विभाग को तुरंत राहत मिलेगी और नए डॉक्टरों की भर्ती होने तक ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को संभाला जा सकेगा। अरिसदा ने राज्य सरकार को चेतावनी भरे लहजे में आगाह किया है कि यदि इस संकट पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।