
जयपुर की स्थिति साफ, दोनों तरफ के योद्धा आमने सामने, सात दिसंबर को होगा घमासान
जयपुर। भाजपा ने शनिवार को जहां अपनी तीसरी सूची जारी की वहीं कांग्रेस ने भी दूसरी सूची जारी कर दी है। इससे प्रदेश में दोनों पार्टियों की स्थिति लगभग साफ हो गई है। वहीं जयपुर शहर की बात करें तो यहां नौ विधानसभाओं में दोनों तरफ के योद्धाओं के नाम सामने आ गए हैं। केवल एक सांगानेर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी का नाम आना शेष है। भाजपा ने जयपुर की लगभग सभी सीटों पर पुराने चेहरों को मौका दिया है। वहीं कांग्रेस की ओर से इस बार चार नए चेहरों को मैदान में उतारा है। जिनमें सांगानेर से पुष्पेन्द्र भारद्वाज, आदर्श नगर से रफीक खान, विद्याधर नगर से सीताराम अग्रवाल और आमेर से प्रशांत शर्मा को मौका दिया है।
हवामहल : महेश जोशी वर्सेज सुरेन्द्र पारीक
हवामहल सीट पर भाजपा का सदा से वर्चस्व रहा है। कांग्रेस की ओर से हवामहल सीट पर पूर्व सांसद महेश जोशी को मौका दिया गया है। इस सीट पर कांग्रेस के कदावर नेता ब्रजकिशोर शर्मा भी मुख्य दावेदार थे। इसलिए उन्होंने सूची जारी होने से दो दिन पहले ही नामांकन पत्र भी ले लिया था। इसी के चलते जब सूची में उनका नाम नहीं आया तो उनके कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पीसीसी में प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर भाजपा से यहां सुरेन्द्र पारीक मैदान में हैं। जो वर्ष 2003 और 2013 में विधायक चुने गए हैं।
मालवीय नगर : अर्चना शर्मा वर्सेज कालीचरण सर्राफ
प्रदेश कांग्रेस की उपाध्यक्ष और मीडिया पर्सन अर्चना शर्मा को मालवीय नगर सीट से दूसरी बार मौका मिला है। पिछली बार करीब 48 हजार के वोटों के बड़े अंतर से इन्हें हार मिली थी। ये आचार्य धर्मेन्द्र की पुत्रवधू हैं। यहां दावेदारों में महेश जोशी का नाम भी चर्चा में था। यहां से भाजपा के कैबिनेट मंत्री कालीचरण सराफ उनके सामने है। सर्राफ का पहली सूची में नाम भी नहीं था। दूसरी सूची में सर्राफ ने जोड़—तोड़ कर टिकट तो ले लिया, लेकिन अब वे सीट बचा पाएंगे या नहीं। यह मुकाबला बड़ा ही रोचक रहेगा।
सांगानेर : पुष्पेन्द्र भारद्वाज वर्सेज घनश्याम तिवाड़ी और भाजपा
जयपुर की सबसे चर्चित सीटों में से एक सांगानेर है। यहां से विधायक घनश्याम तिवाड़ी अपनी नई पार्टी भारत वाहिनी से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके चलते यहां दोनों पार्टियों को कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद हैं। राजस्थान छात्रसंघ के अध्यक्ष रह चुके पुष्पेन्द्र भारद्वाज को सांगानेर सीट पर कांग्रेस ने मौका दिया है। पिछली बार यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार संजय बाफना थे। जो भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी से लगभग 63 हजार वोटों से पराजित हुए थे। वहीं भाजपा ने अभी तक सांगानेर में अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
आदर्श नगर : रफीक खान वर्सेज अशोक परनामी
राजधानी में सबसे कम वोट से जीत की इस सीट पर भाजपा ने फिर से अशोक परनामी पर भरोसा जताया है। परनामी के लिए इस सीट पर चुनाव जीतना बहुत ज्यादा आसान नहीं होगा, क्योंकि यहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है। कांग्रेस की ओर से यहां से नए चेहरे रफीक खान को मौका दिया है। खान गारमेंट एक्सपोर्टर है। कांग्रेस के कई प्रकोष्ठों में जुड़े हुए हैं। खान स्थानीय विधानसभा क्षेत्र के निवासी होने के कारण भाजपा इस मुददे को भुनाएगी।
किशनपोल : मोहनलाल गुप्ता वर्सेज अमीन कागजी
मुस्लिम और हिंदू मतदाताओं की अधिक मौजूदगी वाले यह क्षेत्र हमेशा कांटे की टक्कर के लिए जाना जाता है। कांग्रेस ने किशनपोल विधानसभा क्षेत्र से एक बार मुस्लिम चेहरे को वरीयता दी है। अमीन कागजी को एक बार फिर से यहां से प्रत्याशी बनाया है। वहीं भाजपा ने यहां मौजूदा विधायक मोहनलाल गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। यहां गुप्ता ने पिछली बार कांग्रेस के अमीन कागजी को पराजित किया था। कागजी के टिकट मिलने से एक बार फिर इस सीट पर दोनों लड़ाके एक बार फिर से आमने सामने होंगे। यहां कांग्रेस की ओर से पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल प्रमुख दावेदार थीं। टिकट नहीं मिलने से नाराज खंडेलवाल ने कांग्रेस के सभी पदों से त्याग पत्र भी दे दिया है। उनके यह बगावती तेवर अमीन कागजी और कांग्रेस को भारी पड़ सकता है।
विद्याधर नगर : सीताराम अग्रवाल वर्सेज नरपत सिंह राजवी
विद्याधर नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस से सीताराम अग्रवाल पर विश्वास दिखाया है। पिछली बार यहां से पार्टी ने विक्रम सिंह शेखावत को उम्मीदवार बनाया था। वहीं भाजपा ने लगातार दो बार विधायक चुने गए नरपत सिंह राजवी को भाजपा ने तीसरी बार मौका दिया है। स्थानीय जनता और कार्यकर्ता इनसे काफी नाराज है। ऐसे में कांग्रेस के सीताराम अग्रवाल काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विक्रम सिंह शेखावत को टिकट नहीं मिलने से कांग्रेस कार्यकर्ता काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं। पीसीसी में शेखावत के समर्थन में प्रदर्शन भी किया गया है। राजपूत समाज भी इससे काफी नाराज हैं। कार्यकर्ताओं और राजपूत समाज की नाराजगी यहां कांग्रेस पर भारी पड़ सकती है।
सिविल लाइंस : प्रताप सिंह वर्सेज अरुण चतुर्वेदी
शहर की पॉश सीटों में शुमार सिविल लाइन्स पर कांग्रेस ने प्रताप सिंह खाचरियावास पर विश्वास जताया है। पिछली बार उनकी इस सीट से हार हुई थी और भाजपा ने यहां जीत हासिल की थी। उनके सामने कोई मजबूत दावेदार न होने की वजह से उनकी टिकट पक्की मानी जा रही थी। क्षेत्र में प्रताप सिंह का यहां काफी दबदबा है। वहीं भाजपा के अरुण चतुर्वेदी ने पिछली बार पहली बार यहां से चुनाव लड़ा और जीते। भाजपा ने एक बार फिर चतुर्वेदी पर दांव लगाया है।
झोटवाड़ा : लालचंद कटारिया वर्सेज राजपाल सिंह शेखावत
कांग्रेस ने वर्ष 2013 में झोटवाड़ा से लालचंद कटारिया की उनके छोटे भाई की पत्नी रेखा कटारिया को चुनाव मैदान में उतारा था। जिसे राजपाल सिंह ने शिकस्त दी। ऐसे में गुरुवार देर रात झोटवाड़ा से लालचंद का नाम घोषित किया। वहीं भाजपा ने वापस राजपाल सिंह शेखावत को ही मैदान में उतारा है। पहली सूची में अप्रत्याशित तौर पर नाम नहीं था। माना जा रहा था कि इस बार राजपाल का क्षेत्र बदला जा सकता है लेकिन यह सब कुछ कयास ही रहा और शेखावत को पुन: मौका मिला।
आमेर : प्रशांत शर्मा वर्सेज सतीश पूनियां वर्सेज नवीन पिलानिया
कांग्रेस ने आमेर से तीन बार विधायक रह चुके स्व. सहदेव शर्मा के बेटे प्रशांत शर्मा पर अपना दाव खेला है। वहीं भाजपा ने इस सीट पर सतीश पूनियां को मौका दिया है। इस सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष की उम्मीद है। यहां से पूर्व विधायक नवीन पिलानिया भी मैदान में हैं। पिलानिया पिछली बार राजपा से यहां विधायक चुने गए थे। इस बार वे बसपा में शामिल होकर मैदान में उतरे हैं।
Published on:
17 Nov 2018, 4:16 PM IST
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