6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मंदिर से निकलते ही मंत्री को झेलना पड़ा विरोध, लोगों से घेर ऐसे लगाए आरोप

www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Dinesh Saini

Nov 03, 2018

Arun Chaturvedi

जयपुर। चुनावी सरगर्मियों के बीच भाजपा ने राजधानी जयपुर समेत राज्यभर के 52 हजार बूथ पर महासंपर्क अभियान शुरू कर दिया। केन्द्रीय मंत्री व चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने गोविन्ददेवजी मंदिर के दर्शन कर इसकी शुरुआत की। इस बीच शहर के सभी विधानसभाओं में भी विधायक, सांसद, नेता घर—घर पहुंचे। जावड़ेकर ने मतदाताओं को रिझाने के लिए थड़ी पर चाय पीने से लेकर रिक्शे में बैठकर चालक से बतियाने तक का सफर तय किया। जावड़ेकर राजामल का तालाब, गुरुद्वारा, हरीजन बस्ती में घर—घर पहुंचे। जहां गए, वहां कुछ न कुछ व्यंजन का स्वाद चखा। यहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और भाजपा को वोट देने के लिए कहा। मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का प्रकाशित पत्र भी सौंपा। इसमें केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं का बखान करते हुए वोट की अपील की गई है। लोगों से ही घरों के बाहर कमल का स्टिकर चिपकवाया। इस दौरान महापौर अशोक लाहोटी, भाजपा शहर अध्यक्ष संजय जैन, विमल कटियार सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता साथ रहे।

मंदिर से निकलते ही मंत्री को झेलना पड़ा विरोध
सिविल लाइंस विधायक अरुण चतुर्वेदी ने सुबह झोटवाड़ा रोड चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर में पूजा कर अभियान शुरू किया। मंदिर से बाहर निकलते ही पण्डित सुरेश शर्मा नाम बताने वाले बुजुर्ग ने खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताया और चतुर्वेदी पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया। बाद में अन्य कार्यकर्ता चतुर्वेदी को स्थानीय लोगों से मिलाने ले गए। कार्यकर्ताओं ने घरों के बाहर भाजपा के कमल के फूल के पंफलेट चस्पा किए।

सवाल किया, जवाब यह मिला
- जनता मार्केट, फूल मण्डी के पास ठेले पर फल विक्रेता से कहा वोट भाजपा को देना है। पूछा कि— बताओ वोट डालने कब जाओगे। विक्रेता कुछ नहीं बोला, इस पर जावड़ेकर ने कहा— 7 दिसम्बर को, अब याद रखना।

- कुछ दूर ई—रिक्शा चालक के पास उसकी सीट पर जाकर बैठ गए। चालक से परिवार के भरण—पोषण की बात की। उसे सीएम व प्रदेशाध्यक्ष का पत्र सौेंंपा।

- हरिजन बस्ती में घर के बाहर ही स्थानीय लोग बैठे थे। वहां पहुंचे और खाली कुर्सी उठाकर उनके पास जाकर बैठ गए। पुरषों के साथ महिला—बच्चों को भी कमल के फूल की जरूरत समझाई।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग