
जयपुर ।
राजस्थान में चुनावी वर्ष के चलते तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। पार्टीयां हर वर्ग को मनाने का कार्य में जुटी है। साथ ही वोट बैंक मजबूत करने की कवायद भी तेज हो रही है। कुछ ही महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव से राजस्थान में पार्टियों की तस्वीरें भी साफ़ होने वाली है ऐसे में पार्टियों की जीत-हार में जनता का समर्थन अपने कार्य करेगा।
चुनावी साल होने के साथ-साथ मौजूदा भाजपा सरकार किसानों के लिए भी साल के अंत में सक्रिय हुई है और प्रदेश के अन्नदातों को ऋण माफ़ी से संबंधित सौगात भी दी है। हाल ही में सरकार ने किसानों को एक और बड़ी राहत दी है। सरकार ने किसानों के खरीफ ऋण वितरण का समय बढ़ाते हुए अब 15 सितंबर कर दिया है। पहले ये तिथि 31 अगस्त थी।
सहकारिता विभाग के मंत्री अजय सिंह किलक ने मंगलवार को बताया कि किसानों को बड़ी राहत प्रदान करते हुये खरीफ ऋण वितरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 15 सितम्बर, 2018 कर दी है। उन्होंने बताया कि इस सबंध में विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिये हैं।
मानसून देरी से सक्रिय होने पर लिया ये फैसला
राज्य में मानसून के देरी से सक्रिय होने तथा कतिपय अन्य कारणों से खरीफ की बुवाई प्रभावित हो रही थी। किसानों की इस समस्या को देखते हुए, अब खरीफ ऋण वितरण को 15 सितम्बर तक कर किसानों को लाभान्वित किया जायेगा। किलक ने बताया कि अबतक 7 हजार 600 करोड़ का खरीफ फसली ऋण किसानों को वितरित किया जा चुका है।
किसानों को मिलेगी राहत
सहकारिता रजिस्ट्रार राजन विशाल ने बताया कि खरीफ ऋण वितरण की अंतिम तिथि बढ़ने से किसानों को फायदा मिलेगा और बुआई बाधित नहीं होगी। उन्होंने बताया कि अपेक्स बैंक एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों को निर्देश जारी कर दिये हैं कि वे 15 सितम्बर तक अपने वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार सदस्य किसानों को ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। किसानों को ऋण वितरण में समय आगे बढ़ाने से थोड़ी राहत मिलेगी।
Published on:
04 Sept 2018 05:25 pm
