
राजस्थान के करोड़ों किसानों के लिए एक सुखद और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश की भजनलाल सरकार ने अन्नदाताओं को कड़कड़ाती ठंड, जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे और अंधेरी रातों में सिंचाई करने की मजबूरी से निजात दिलाने का मास्टरप्लान तैयार कर लिया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2027 तक राजस्थान के सभी जिलों में किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार के बेहतर प्रबंधन से अब तक 24 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष जिलों को भी जल्द से जल्द इस दायरे में लाया जाए ताकि 2027 तक पूरे राजस्थान का किसान सूरज की रोशनी में अपनी फसल सींच सके।
राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को रात्रि की बजाय दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराना है, जिससे खेती को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सके। इस दिशा में सरकार चरणबद्ध तरीके से कार्य कर रही है और वर्ष 2027 तक पूरे प्रदेश में इस योजना को लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिजली सप्लाई होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का डर और कड़ाके की सर्दी में सिंचाई करना स्वास्थ्य के लिए भी घातक होता है। दिन में बिजली मिलने से न केवल किसानों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि कृषि उत्पादकता में भी सुधार होगा।
धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग, भरतपुर, अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूम्बर, राजसमंद, बांसवाड़ा, झुंझुनूं, सीकर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, जालौर, सिरोही, पाली, दौसा और करौली जिले इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में संतोष व्यक्त किया कि बिजली छीजत (Line Loss) में कमी आई है और विद्युत उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में राजस्थान आज देश का नेतृत्व कर रहा है। सरकार का लक्ष्य न केवल बिजली उपलब्ध कराना है, बल्कि उसे गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बनाना भी है।
ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए मुख्यमंत्री ने पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (Pump Storage Projects) और बैटरी स्टोरेज को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं लंबी अवधि के लिए कारगर और सस्ती हैं। इससे स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा और उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती के बिजली मिल सकेगी।
समीक्षा बैठक के दौरान ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, वित्त सचिव वैभव गालरिया और ऊर्जा सचिव आरती डोगरा सहित विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सौर ऊर्जा और अन्य अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की क्रियान्विति में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Published on:
15 Apr 2026 10:10 am
