
Rajasthan : कांग्रेस नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan Farmers : प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। खरीफ फसलें बारिश की कमी से झुलस रहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। राजस्थान के किसानों की बुरी हालात को देखते हुए कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने प्रदेश सरकार से अपील की है कि समय रहते फसल खराबे का सर्वे कराए, मुआवजा दे, चारा डिपो खोले, रोजगार देने की तैयारी अभी से करे और रबी सीजन के लिए किसानों को हरसंभव मदद सुनिश्चित करे।
कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं, यह अत्यंत चिंता का विषय है। हनुमानगढ़ से लेकर बालोतरा तक, ग्वार, मूंग, मोठ और बाजरे की खरीफ फसलें बारिश की कमी से झुलस चुकी हैं, कई जगह तो पूरी तरह बर्बाद होने के कगार पर हैं। जो किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं, उनकी हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक है। पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारे का संकट भी खड़ा होता जा रहा है।
अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि जब खरीफ ही बर्बाद हो चुकी है, तो किसान रबी की बुवाई के लिए बीज, खाद और खेत की तैयारी कैसे करेंगे। यह समय राजनीति का नहीं, संवेदनशीलता से किसानों के साथ खड़े होने का है। सरकार से अपील है कि समय रहते फसल खराबे का सर्वे कराए, मुआवजा दे, चारा डिपो खोले, रोजगार देने की तैयारी अभी से करे और रबी सीजन के लिए किसानों को हरसंभव मदद सुनिश्चित करे।
सरकार की ओर से किसानों को ऑनलाइन बुकिंग के तहत खाद उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था तो लागू कर दी, लेकिन इसी के साथ किसानों की परेशानी बढ़ गई है। एफएफएस ऐप में कई तकनीकी दिक्कतों व इसके अलावा कई जगह मनमानी भी सामने आ रही है, ऐसे में किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
इस पर अशोक गहलोत ने कहा कि यह सिर्फ बारां की नहीं, पूरे राजस्थान के किसानों की पीड़ा है। भाजपा सरकार की नई ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था खाद देने की बजाय किसानों को परेशान करने का जरिया बन गई है। तकनीकी खामियां, सर्वर डाउन, घंटों की कतारें, और अंत मेंकिसान खाली हाथ वापस जाओ।
सबसे शर्मनाक बात, राज्य के किसानों का हक मारकर खाद मध्य प्रदेश भेजी जा रही है। किसानों तक खाद पहुंचाने में भाजपा सरकार का डबल इंजन फेल होगया है। पूरे प्रदेश का किसान इस अव्यवस्था का शिकार है। मुख्यमंत्री भजनलाल जवाब दें, आखिर किसान कब तक परेशान होंगे?
Updated on:
03 Sept 2026 04:01 pm
Published on:
03 Sept 2026 04:01 pm
