
जयपुर।
राजस्थान में किसान संगठनों की ओर से चलाया जा रहा आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। इसकी वजह से शहरों में सब्जियों और दूध की आपूर्ति पर असर पडा है। किसानों के गांव बंद आंदोलन के कारण फल, सब्जियां और दूध की शहरों में आवक कम होने से इन वस्तुओं के दाम आसमान छूने लगे है और कई जगह पर लूट खसोट और अराजकता का वातावरण भी बनने लगा है।
राजधानी जयपुर में अधिकांश मंडियों में सब्जियों की आवक एकदम कम होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। दुकानदार सब्जियां नही आने का बहाना कर मुंह मांगे दाम वसूल रहे है। इसी तरह दूध की आवक कम होने तथा दूध को सडकों पर बिखरने की घटनाओं के चलते निजी डेयरियों ने भी अपना सकंलन लगभग बंद कर दिया है। इसके कारण शहरों में दूध की किल्लत भी होने लगी है।
जयपुर की मुहाना मंडी में आम दिनों की तुलना में करीब डेढ़ सौ गाड़ियां कम पहुंची। इसके कारण प्याज के भाव 10 से बढ़ कर 15 रुपए किलो, मिर्च 6 रुपए से 20 रुपए, करेला 12 से 20 रुपए, भिंडी 10 से 20, ग्वार फली 15 से 25, टमाटर 6 से 15 रुपए और टिंडे 15 से 40 रुपए किलो पर पहुंच गए हैं।
बीकानेर से मिली जानकारी के अनुसार आंदोलन के कारण संभाग में अब अराजकता फैलने लग गई है। बीकानेर के छतरगढ़ इलाकों में रविवार को कुछ युवकों ने सब्जी मंडी में लूट खसोट कर जमकर उत्पात मचाया।
वहीं श्रीगंगानगर जिले में राहगीरों से बदसलूकी और झड़प की घटनाएं हुई। उत्पात की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने युवकों को खदेड़ा तथा कुछ को हिरासत में लिया है।
इसी तरह लूणकरणसर में आंदोलनकारी सब्जी मंडी में बोली रुकवाने के लिए पहुंच गए जिसके कारण व्यापारियों व किसानों में कहासुनी हो गई जिसकी सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
श्रीगंगानगर में किसान गांव के बाहर नाकेबंदी कर खुद ही अपनी सब्जी व दूध बेच रहे हैं। इस दौरान कुछ जगह पर किसानों की लोगों से कहासुनी हुई। जिले के भोमपुरा गांव में पिकअप में ले जाया जा रहा दूध सड़क पर बिखेर दिया गया।
Updated on:
03 Jun 2018 02:20 pm
Published on:
03 Jun 2018 02:20 pm
