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पैराटीचर्स अब पाठशाला सहायक, वेतन 21 ​हजार रुपए

शिक्षा विभाग में नियमित करने की मांग को लेकर आंदोलनरत पैराटीचर्स को सरकार ने आखिरकार राहत दी है। इन्हें संविदा कर्मचारियों के बनाए गए नए नियमों में शामिल किया है। शिक्षा विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है। पैराटीचर्स का नया पदनाम सृजित होगा, इसके बाद इन्हें अब पाठशाला सहायक कहा जाएगा। विद्या संबल योजना के अनुसार 21 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा। वर्तमान में इन्हें 11,940 रुपए मिल रहे हैं।

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जयपुर
शिक्षा विभाग में नियमित करने की मांग को लेकर आंदोलनरत पैराटीचर्स को सरकार ने आखिरकार राहत दी है। इन्हें संविदा कर्मचारियों के बनाए गए नए नियमों में शामिल किया है। शिक्षा विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है। पैराटीचर्स का नया पदनाम सृजित होगा, इसके बाद इन्हें अब पाठशाला सहायक कहा जाएगा। विद्या संबल योजना के अनुसार 21 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलेगा। वर्तमान में इन्हें 11,940 रुपए मिल रहे हैं।

पांच साल के लिए होगी नियुक्ति
राजस्थान सिविल पदों पर संविदा पर रखा जाना नियम-2022 के तहत सभी पाठशाला सहायक की नियुक्ति पांच साल के लिए होगी। इसके अलावा इनकी योग्यता भी निर्धारित की गई है। नई योग्यता के अनुसार पाठशाला सहायक के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता उच्च माध्यमिक परीक्षा या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण एवं राज्य के सरकारी विद्यालयों में पांच साल काम करने का अनुभव होना चाहिए।

नियुक्ति के लिए मांगे जाएंगे आवेदन
प्रदेश में पाठशाला सहायक पदों पर नियुक्ति देने के लिए पैराटीचर्स से आवेदन लिए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि के बाद आने वाले जनवरी महीने में आवेदक की आयु न्यूनतम 21 साल और अधिकतम आयु 40 साल होनी चाहिए। एक जून 2002 या उसके बाद दो से अधिक संतान होने पर पैराटीचर्स पाठशाला सहायक पद के लिए पात्र नहीं होंगे।
प्रदेश में हैं 3886 पैराटीचर्स
वर्तमान में राज्य में 3886 पैराटीचर्स कार्यरत हैं। नए नियमों के तहत योग्यता रखने वाले 1567 पैराटीचर्स को शिक्षा विभाग ने चिह्नित किया है। विभाग ने यह भी कहा है कि अगर एक जून 2002 या उसके बाद दो से अधिक संतान और अधिकतम आयु सीमा के नियम में कोई शिथिलता सरकार स्तर पर दी जाती है तो सभी पैराटीचर्स पात्र हो जाएंगे।