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डगमगाई दवाइयों की आपूर्ति: खून पतला करने से लेकर कैंसर तक की दवा नहीं, मरीजों को हो रही दिक्कत

Rajasthan Government Hospital Medicine Shortage: पड़ताल में सामने आया कि कॉर्पोरेशन में दवाइयों और सूचर्स की खरीद प्रक्रिया कई महीनों से बेहद धीमी गति से चल रही है।
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जयपुर

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Akshita Deora

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विकास जैन

Sep 20, 2025

Representative picture (Patrika)

Free Medicine Scheme: राज्य के सरकारी अस्पतालों में राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (आरएमएससीएल) की ओर से दवाइयों की आधी-अधूरी आपूर्ति के कारण मरीजों को पूरी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। पड़ताल में सामने आया कि कॉर्पोरेशन में दवाइयों और सूचर्स की खरीद प्रक्रिया कई महीनों से बेहद धीमी गति से चल रही है। जिसके कारण हृदय, न्यूरो, नेफ्रो, कैंसर जैसी बीमारियों के मरीजों को भी परेशान होना पड़ रहा है।

विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार इसी वर्ष अप्रेल माह के बाद नि:शुल्क दवा और जांच योजना को सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की सूची से शामिल नहीं है। कार्डियक, नेफ्रो सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार में काम आने वाले सर्जिकल सूचर्स, ब्लड चढ़ाने के लिए सेट, ग्लब्स, यूरोलॉजी विभाग में काम आने वाले कैथेटर, आइवी सेट, इंसुलिन सीरिंज, कैनुला, नेजल ऑक्सीजन भी अस्पतालों में पर्याप्त नहीं है। सामने आया कि आरएमएससीएल अस्पतालों के लिए जरूरी सूचर्स भी नहीं खरीद पा रहा। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना 2011 में शुरू हुई थी। आरएमएससीएल दवाओं की खरीद और सप्लाई की नोडल एजेंसी है।

जिम्मेदार

पुखराज सेन, प्रबंध निदेशक, राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन

सामान्य जरूरत की दवाइयां भी नहीं

  • एस्पिरिन 75- खून पतला करने की दवा
  • टेल्मिसार्टन 40- बीपी
  • डापाग्लिफ्लोज़िन 10- शुगर डायबिटीज
  • लेवोथायरॉक्सिन 25- थायरॉइड
  • लेवोथायरॉक्सिन 75- थायरॉइड
  • मेट्रोनिडाजोल 400- संक्रमण-दस्त
  • बेटाडीन गरारे गर्गल गले का एंटीसेप्टिक घोल
  • टेल्मा हाइड्रो 40- 12.5 ब्लड प्रेशर की कॉम्बिनेशन दवा

गंभीर रोगों की दवाओं का भी टोटा

  • लेनालिडोमाइड 10- ब्लड कैंसर
  • लेनालिडोमाइड 25- ब्लड कैंसर
  • सिटाग्लिप्टिन 50 मेटफॉर्मिन 500 डायबिटीज
  • टेट्राबेनाज़िन 25- न्यूरोलॉजिकल
  • टेल्मिसार्टन 40 हाइड्रोक्लोरोथायज़ाइड 12.5 बीपी कॉम्बिनेशन
  • टिकाग्रेलर 90 खून पतला करने की दवा – हार्ट अटैक/स्टेंट में उपयोगी
  • पैरॉक्सिटीन 12.5- डिप्रेशन-एंग्जायटी
  • पैरॉक्सिटीन 25- डिप्रेशन-एंग्जायटी
  • इट्राकोनाजोल 100- फंगल इन्फेक्शन
  • आइसोट्रेटिनॉइन 10- त्वचा-पिम्पल्स
  • आइसोट्रेटिनॉइन 20- त्वचा-पिम्पल्स
  • एटोरिकॉक्सिब 90 (दर्द-सूजन
  • अल्कलाइन नाक धोने का घोल सर्दी/एलर्जी के लिए
  • फ्लूटिकासोन नाक स्प्रे एलर्जी-सर्दी में उपयोगी
  • जिंक 50- विटामिन-मिनरल सप्लीमेंट
  • रोपिनिरोल -पार्किंसन रोग-न्यूरो दवा
  • प्रैमिपेक्सोल 0.25 पार्किंसन रोग-न्यूरो दवा
  • प्रैमिपेक्सोल 0.5 पार्किंसन रोग-न्यूरो दवा
  • विटामिन सी 500 (इम्युनिटी/सप्लीमेंट)
  • अफैटिनिब 40 (कैंसर की दवा)
  • पोमालिडोमाइड 4 (कैंसर/ब्लड डिसऑर्डर की दवा)

रोजाना हजारों मरीज प्रभावित

सूत्रों के मुताबिक राज्यभर के बड़े अस्पतालों में कई महत्वपूर्ण दवाइयां स्टॉक से बाहर हो चुकी हैं। जिन दवाओं की निविदाएं आमंत्रित की गई थीं, वे भी अटकी हुई हैं। हाल ही सूचर्स की खरीद की एक प्रक्रिया को निरस्त कर दुबारा किया जा रहा है। रोजाना औसतन 12-15 लाख मरीज इस योजना से लाभान्वित होते रहे हैं, लेकिन अब उन्हें इलाज अधूरा छोड़ने या महंगे दामों पर दवा खरीदने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है।

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