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Rajasthan News: हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में प्रदेश में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को केन्द्रीय कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति दी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो एसीबी को कार्रवाई करने से रोकता हो। ऐसे में एसीबी को केन्द्रीय कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर सकती है और जांच के बाद चालान पेश करने का अधिकार है।
कोर्ट ने इन मामलों में लगी रोक को भी वापस ले लिया और आगे की सुनवाई के लिए नियमित बेंच को भेज दिया। न्यायाधीश सुदेश बंसल ने मुकेश सिंह व अन्य की आपराधिक विविध याचिकाओं पर यह आदेश दिया।
कोर्ट ने इन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर मामले को फैसले के लिए रखा था। कोर्ट ने कहा कि सीबीआइ को केन्द्रीय कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में विशेष अधिकार नहीं दिया है, जो एसीबी को कार्रवाई करने से रोकती हो। याचिकाओं में केन्द्रीय कर्मचारियों ने एसीबी की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
क्या भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केन्द्र सरकार का कर्मचारी या केन्द्र सरकार के अधीन व्यक्ति राजस्थान राज्य के क्षेत्राधिकार में कोई अपराध करें तो उस पर एसीबी मामला दर्ज कर सकती है? क्या केवल सीबीआइ को ही इन कर्मचारियों पर कार्रवाई का अधिकार है? क्या सीबीआइ की मंजूरी के बिना एसीबी केस में जांच आगे नहीं बढ़ा सकती?
Updated on:
04 Oct 2025 10:28 am
Published on:
04 Oct 2025 10:28 am
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