
सांगानेर में 848 टेक्सटाइल यूनिट्स को बड़ी राहत, पत्रिका फोटो
CETP Plant Dispute: राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर स्थित सांगानेर में रंगाई-छपाई कारखानों के रसायनयुक्त पानी को साफ करने के लिए लगाए गए प्लांट का भुगतान नहीं होने के कारण 848 रंगाई-छपाई इकाइयों को बड़ी राहत देते हुए कुर्की आदेश को रद्द कर दिया। जयपुर के वाणिज्यिक न्यायालय ने 14 फरवरी 2025 को इन इकाइयों की कुर्की का आदेश दिया था, जिसे रद्द कर हाईकोर्ट ने पुन: सुनवाई के लिए भेज दिया। कोर्ट ने कहा कि अदालती डिक्री की पालना को लेकर कार्रवाई के दौरान कोई भी न्यायालय अपनी सीमाओं से बाहर जाकर नए दायित्व तय नहीं कर सकता।
न्यायाधीश समीर जैन ने राज्य सरकार और फैक्टरी मालिकों की याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने माना कि पे एंड रिकवर का सिद्धांत सीमित दायरे में ही प्रयोग किया जा सकता है। डिक्री की पालना की कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवार्ड की वसूली से संबंधित है, नए अधिकारों और दायित्वों के निर्धारण के लिए नहीं है।
सांगानेर कपड़ा रंगाई-छपाई कारखानों के लिए सीईटीपी प्लांट निर्माण का टेंडर जारी किया गया, जो वर्ष 2015 में गुजरात की कंपनी मैसर्स एडवेंट एनविरो केयर टेक्नोलॉजी को मिला। इस प्लांट के लिए केन्द्र और राज्य सरकार से राशि प्राप्त करने के लिए कंपनी का गठन किया गया। प्लांट तैयार होने पर भुगतान को लेकर विवाद हो गया।
इस पर गुजरात की कोर्ट ने 12 अक्टूबर, 2021 को कंपनी के पक्ष में आदेश दिया कि उसे करीब 33 करोड़ रुपए मूल राशि और ब्याज दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस अवार्ड को वैध ठहराया। अवार्ड की पालना के लिए कंपनी ने जयपुर के वाणिज्यिक न्यायालय में याचिका दायर की, जहां रंगाई-छपाई एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया। आदेश जारी होने पर हजारों कामगारों पर रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया।
राज्य सरकार की ओर से इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जिसमें कहा कि वाणिज्यिक न्यायालय केवल अवार्ड को लागू करने का ही आदेश दे सकती थी। जो मूल मामले में पक्षकार नहीं थे,उन्हें जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है।
Published on:
21 Mar 2026 10:03 am
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