
एकवर्षीय डिप्लोमा वालों की नियुक्ति प्रक्रिया रोकी (पत्रिका फाइल फोटो)
जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2021 में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि केवल दो वर्षीय बीएसटीसी (प्रारंभिक शिक्षा डिप्लोमा) धारक ही नियुक्ति के लिए पात्र हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एकवर्षीय डिप्लोमा वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया कानूनी रूप से उचित नहीं है।
याचिका मोहन सिंह की ओर से दायर की गई थी, जिस पर न्यायाधीश अशोक कुमार जैन की अदालत में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विश्वास शर्मा ने दलील दी कि भर्ती विज्ञापन में साफ तौर पर दो वर्ष के डिप्लोमा धारकों को ही पात्र बताया गया था।
इसके बावजूद 14 नवंबर को एक वर्ष के डिप्लोमा वाले 158 अभ्यर्थियों को पात्र मानते हुए उनके जिलों का आवंटन कर दिया गया। इसे मनमाना और नियमों के विपरीत बताते हुए जिला आवंटन आदेश को रद्द करने की मांग की गई।
हाईकोर्ट ने इस पर राज्य सरकार और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक से जवाब-तलब किया है। साथ ही एक वर्षीय डिप्लोमा वालों की नियुक्ति प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि जब विज्ञापन में पात्रता स्पष्ट है तो उसे बदला नहीं जा सकता।
अब इस मामले की अगली सुनवाई दो दिसंबर को सुबह 10:30 बजे होगी। इस फैसले से राज्य में हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों और नियुक्ति प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ सकता है।
Updated on:
26 Nov 2025 07:24 am
Published on:
26 Nov 2025 07:24 am
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