1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान की जेलों में बंद 20000 बंदियों के लिए 570 दिन बाद आई सबसे बड़ी खबर

बंदियों को मैनेज करने वाले जेल अफसरों का कहना है कि अब बंदियों के बीच बढ़ रहा तनाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

2 min read
Google source verification
jail_images.jpg

नवविवाहिता की खुदकुशी मामले में पति पहुंचा जेल, महीनेभर पहले दोनों ने किया था लव मैरिज

जयपुर
कोरोना से राहत मिलने के बाद राजस्थान सरकार ने सभी सेक्टर को राहत दे दी लेकिन उसके बाद भी यहां की जेलों में बंद बंदियों को अपने परिजनों से रुबरू मिलने की अनुमति नहीं मिली। लेकिन अब ये अनुमति दे दी गई है और अब फिर से मुलाकात की प्रक्रिया पहले की तरह शुरु होने वाली है। शनिवार यानि 13 नवम्बर से यह प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। जेलों में एक बार फिर से बंदियों और परिजनों के बीच रुबरू मुलाकात हो सकेगी। बंदियों को मैनेज करने वाले जेल अफसरों का कहना है कि अब बंदियों के बीच बढ़ रहा तनाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

570 दिन के बाद हो सकेगी रुबरु मुलाकात
दरअसल साल 2020 के मार्च महीने में राजस्थान में कोरोना की पहली लहर के साथ ही जेलों में बंदियों और उनके परिजनों के बीच मुलाकात का सिस्टम बंद कर दिया गया था। इसे जब फिर से खोलने की तैयारी की गई तो दूसरी लहर आ गई और उसमें और ज्यादा परेशानी बढ़ गई। आखिर अब दूसरी लहर के लगभग खत्म होने के बाद जब स्कूल, काॅलेज, मंदिर, मेले, सावे सब पूरी क्षमता के साथ खोल दिए गए हैं तो अब जेलों से भी मुलाकात का प्रतिबंध हटा लिया गया है। इसे हटाने से बीस हजार से ज्यादा बंदियों को फायदा होगा।

सप्ताह में चार दिन मुलाकात, पंद्रह मिनट कर सकेंगे बात
कोरोना से पहले सप्ताह में चार दिन के लिए मुलाकात कराई जाती थी बंदियों और उनके परिजनों के बीच। अब इसी प्रक्रिया को बीना बदलाव फिर से शुरु किया गया है। मंगलवार, बुधवार, शनिवार और रविवार को मुलाकात फिर से शुरु की गई है। जेल अफसरों ने बताया कि पहले की तरह पर्ची बनाने के बाद बंदी अपने परिजनों से करीब पंद्रह मिनट तक मुुलाकात कर सकते हैं। इस बीच नियमानुसार सामान भी दिया जा सकता है। लेकिन मुलाकात उन्हीं परिजनों की कराई जाएगी जिन्होनें कोरोना की डोज ली है।

ऑनलाइन मुलाकात में आई कई दिक्कतें
लॉकडाउन के दौरान जेल प्रशासन की ओर से ऑनलाइन परिजनों से मुलाकात की सुविधा शुरू की गई थी। इस दौरान काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बारे में लोग नहीं जानते थे। कई परिजनों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं होने के कारण वे अपने रिश्तेदारों से बात तक नहीं कर पाए।

23 हजार से ज्यादा बंदी बंद हैं प्रदेश की जेलों में
. राजस्थान में बनीं 144 जेलों में रह रहे 23 हजार 833 बंदी
. सबसे ज्यादा बंदी संख्या है प्रदेश की 9 सेंट्रल जेलों में
. 9 सेंट्रल जेलों में बंद हैं दस हजार से ज्यादा बंदी
. प्रदेश में 3 स्पेशल जेल और 7 महिला बंदी जेल भी
. प्रदेश में हैं 26 जिला जेलें भीए बंद हैं 7 हजार पांच सौ से ज्यादा बंदी
. साठ उप जिला जेलें भी हैं प्रदेश में इनमें बंद हैं 4 हजार दो सौ से ज्यादा बंदी
. इनके अलावा 39 ओपन कैंप जेल भीए इनमें बंद हैं एक हजार से ज्यादा बंदी