
गोविंद देवजी मंदिर में आयोजित नानी बाई रो मायरो कथा में आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी
Jaya Kishori Gave a Lesson : गोविंद देवजी मंदिर में आयोजित नानी बाई रो मायरो कथा के तीसरे दिन रविवार को आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी ने नानी बाई रो मायरो कथा को सुनाने के बाद माता-पिता को सीख दी। इस प्रसंग में उन्होंने भक्तों को सीख दी कि हर माता-पिता को अपने बच्चों को विशेष कर बेटियों को काबिल बनाना चाहिए, ताकि वे जीवन में मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर सकें।
कथा में आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी ने कहा कि जब नरसी नानी बाई के ससुराल पहुंचे तो उन्हें टूटी दुकान में ठहराया गया। नानी बाई पिता नरसी से मिलकर ससुराल पहुंची तो सास, ननद और जेठानी ने उन्हें मायरा भरने को लेकर उलाहना दिया, लेकिन नानी बाई ने बुरा नहीं माना। इसके बाद वे पिता के पास पहुंची और कहा कि आपको मायरा नहीं भरना था तो यहां नहीं आना चाहिए था। नरसी ने नानी बाई से कहा कि आप ससुराल वालों से मायरे की नई लिस्ट बनाने के लिए कहो। मायरा मेरा सांवरिया भरेगा।
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जया किशोरी ने कहा कि ठाकुर जी रात में ही जाग उठे और पत्नी रुक्मिणी से कहा कि मुझे नरसी भगत के यहां भात भरने जाना है। भगवान ने नानी बाई का भाई बनकर 56 करोड़ का मायरा भरा तथा सभी गांव वालों और नानी के सगे संबंधी को वस्त्र-आभूषण पहनाए।
राधे-राधे के जाप के बीच भक्ति संगीत की धुनों पर थिरकते भक्त और एक साथ हवा में उठते सैकड़ों हाथ। श्याम भजन संध्या परिवार सेवा समिति और मिनी काशी परिवार संस्था की ओर से गोविंद देवजी मंदिर में आयोजित नानी बाई रो मायरो कथा के तीसरे दिन रविवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला। छुटटी का दिन होने के कारण कथा शुरू होने से पहले ही भक्तों का कार्यक्रम स्थल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कथा के दौरान 100 लोगों ने मायरा भरा। श्रद्धालु नकद राशि, सोने-चांदी के आभूषण और बेस लेकर पहुंचे। अंत में सभी ने ठाकुर जी की आरती की। विधायक गोपाल शर्मा, शीला सराफ, शंकर झालाणी, सुरेश पाटोदिया, नितेश, नीरज, रामबाबू झालाणी, राजेंद्र खंडेलवाल, ललित प्रसाद, दुर्गेश व योगेश खंडेलवाल मौजूद रहे।
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Updated on:
01 Jul 2024 02:27 pm
Published on:
01 Jul 2024 02:26 pm
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