13 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

JJM Scam : सेवानिवृत्त आईएएस सुबोध अग्रवाल की रिमांड खत्म, आज कोर्ट में पेश करेगी एसीबी

JJM Scam : प्रदेश में जल जीवन मिशन से जुड़े करोड़ों रुपए के कथित घोटाले में गिरफ्तार सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) आज सोमवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर कोर्ट में पेश करेगी।

2 min read
Google source verification
Rajasthan JJM Scam Retired IAS Subodh Agarwal remand ends ACB to produce him in court today

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल। फाइल फोटो पत्रिका

JJM Scam : राजस्थान में जल जीवन मिशन से जुड़े करोड़ों रुपए के कथित घोटाले में गिरफ्तार सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) सोमवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर कोर्ट में पेश करेगी। पूछताछ के दौरान अग्रवाल लगातार यही कह रहे हैं कि जैसे ही उन्हें घोटाले की जानकारी मिली, उन्होंने स्वयं जांच शुरू करवाई थी।

एसीबी सूत्रों के अनुसार, अब तक की पूछताछ में उन्होंने किसी भी अनियमितता से इनकार करते हुए खुद को जिम्मेदारी से अलग बताया है। हालांकि एजेंसी उनके बयानों की पुष्टि दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कर रही है। फिलहाल जांच एजेंसी इस बहुचर्चित घोटाले में दर्ज एक मुकदमे और एक ट्रैप मामले की गहन जांच कर रही है।

इसके अलावा जयपुर एसीबी में जल जीवन मिशन से जुड़े दो अन्य मामले लंबित हैं, जबकि डूंगरपुर में भी एक मामला जांचाधीन बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ने के साथ और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

शुक्रवार को 3 दिन की ACB रिमांड पर भेजा गया था

राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को 1988 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद शुक्रवार 10 अप्रेल को सुबोध अग्रवाल को उन्हें जयपुर के मिनी सचिवालय स्थित एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। सुबोध अग्रवाल को 3 दिन की ACB रिमांड पर भेजा गया। 13 तारीख यानि आज उन्हें फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। आज कोर्ट में उनके कानूनी अधिकारों पर हमने बहस की है।

क्या है 960 करोड़ रुपए का JJM घोटाला?

यह पूरा मामला घर-घर नल से जल पहुँचाने वाली केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना 'जल जीवन मिशन' में बड़े स्तर पर हुई धांधली से जुड़ा है:

1-फर्जी सर्टिफिकेट का खेल : जांच में सामने आया कि मैसर्स गणपति ट्यूबवैल और मैसर्स श्याम ट्यूबवैल नामक फर्मों ने इरकॉन (IRCON) इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार कर करोड़ों के टेंडर हासिल किए।
2- अधिकारियों की मिलीभगत : आरोप है कि सुबोध अग्रवाल और अन्य उच्चाधिकारियों को इन फर्जी सर्टिफिकेट्स की जानकारी थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और चुनिंदा फर्मों को फायदा पहुँचाने के लिए पद का दुरुपयोग किया गया।
3- निरीक्षण में लापरवाही : नियमों के अनुसार 50 करोड़ रुपए से ज्यादा के टेंडर में अधिकारियों को मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण करना था, लेकिन अधिकारियों ने ऑफिस में बैठकर ही फाइलें पास कर दीं।