छात्रों को रिटेल मार्केटिंग, बैंकिंग और वित्त, पर्यटन आदि क्षेत्र में प्रशिक्षण का अवसर मिलता है। छात्र एक से तीन सेमेस्टर तक प्रशिक्षण ले सकते हैं और कंपनियां उन्हें सैलरी भी देती हैं। इससे उनकी तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास बढ़ते हैं। छात्रों को सिर्फ अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखना हमारा लक्ष्य है। उन्हें नौकरी की तैयारियों से सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।
-कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग