
Rajasthan Loksabha Chunav : लोकसभा चुनाव में भाजपा को पीकेसी ईस्टर्न राजस्थान कैनाल लिंक प्रोजेक्ट (पूर्व नाम ईआरसीपी) और यमुना जल प्रोजेक्ट का मुद्दा भी राहत नहीं दिला पाया। दोनों प्रोजेक्ट में 16 जिलों के 13 लोकसभा क्षेत्र शामिल हैं। इनमें सीधे तौर पर 104 विधानसभा सीट जुड़ी हुई हैं। चुनाव में कांग्रेस ने इनमें से ज्यादातर सीटों पर भाजपा को मात दी। भाजपा इनमें से 6 लोकसभा सीट ही जीत पाई, जिसमें 48 विधानसभा सीट शामिल हैं। जबकि, कांग्रेस ने 7 लोकसभा सीट जीतकर 56 विधानसभा सीट पर लीड बनाई।
खास यह है कि केन्द्र और राज्य सरकार दोनों ने ही लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दोनों प्रोजेक्ट के विवाद को सुलझाया और दिल्ली में मध्यप्रदेश व हरियाणा के साथ अलग-अलग एमओयू किए। भाजपा ने इन बहुप्रतिक्षित प्रोजेक्ट्स को भुनाने के लिए संबंधित जिलों और लोकसभा क्षेत्रों में अभियान चलाया। मंत्री से लेकर विधायक, सांसद उम्मीदवारों ने इसे चुनावी कैम्पेन बनाया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने प्रोजेक्ट स्थल का दौरा किया था।
पीकेसी ईस्टर्न राजस्थान कैनाल लिंक: 13 जिलों में 13 लोकसभा क्षेत्र और 80 विधानसभा सीट
लोकसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस दोनों ही 40-40 विधानसभा सीट पर काबिज हुए।
1- लोकसभा -जयपुर शहर व जयपुर ग्रामीण
विधानसभा सीट- भाजपा 7 व कांग्रेस 9
2- लोकसभा- झालावाड-बारां
विधानसभा सीट- भाजपा 7 व कांग्रेस 9
3- लोकसभा- कोटा-बूंदी
विधानसभा सीट- भाजपा 5 व कांग्रेस 3
4- लोकसभा - टोंक-सवाईमाधोपुर
विधानसभा सीट- भाजपा 2 व कांग्रेस 6
5- लोकसभा -दौसा
विधानसभा सीट- भाजपा 0 व कांग्रेस 8
6- लोकसभा - करौली-धौलपुर
विधानसभा सीट- भाजपा 3 व कांग्रेस 5
7- लोकसभा - अजमेर
विधानसभा सीट- भाजपा 8 व कांग्रेस 0
8- लोकसभा - अलवर
विधानसभा सीट- भाजपा 5 व कांग्रेस 3
9- लोकसभा - भरतपुर
विधानसभा सीट- भाजपा 2 व कांग्रेस 6
यमुना जल प्रोजेक्ट: 3 जिलों में तीन लोकसभा क्षेत्र और 24 विधानसभा क्षेत्र
लोकसभा चुनाव: भाजपा 8 विस सीट और कांग्रेस 16 विस सीट पर काबिज
1- लोकसभा- चूरू
विधानसभा सीट- भाजपा 2 व कांग्रेस 6
2- लोकसभा- झुंझुनूं
विधानसभा सीट- भाजपा 4 व कांग्रेस 4
3- लोकसभा- सीकर
विधानसभा सीट- भाजपा 2 व कांग्रेस 6
-पीकेसी ईस्टर्न राजस्थान कैनाल लिंक प्रोजेक्ट - 28 जनवरी को दिल्ली में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केन्द्र सरकार के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए थे। 80 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की सिंचाई और 35 से 40 लाख आबादी को पानी मिलने की राह खुली।
-यमुना जल समझौता- 17 फरवरी को तीस साल पुराना जल समझौता विवाद सुलझा। दिल्ली में राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्री व केन्द्र सरकार के बीच विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए एमओयू हुआ। राजस्थान के चुरू, सीकर, झुंझुनूं जिलों को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा।
Published on:
07 Jun 2024 09:04 am
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